गोवा नाइटक्लब आग: 25 की मौत, विपक्ष का हमला
पणजी । डेस्क: गोवा के अरपोरा स्थित लोकप्रिय नाइटक्लब "बर्च बाय रोमियो लेन" में लगी भीषण आग के बाद राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है. इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है और छह अन्य घायल हुए हैं. विपक्षी दलों के नेताओं ने घटना को 'प्रशासनिक विफलता' और 'आपराधिक लापरवाही' बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पूर्ण जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को एक "टाली जा सकने वाली दुखद घटना" बताते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और "सख्त जवाबदेही" के साथ अग्नि सुरक्षा मानदंडों को लागू करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया. उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि ऐसी त्रासदियाँ "व्यापक जाँच, सख्त जवाबदेही और तत्काल कदम" की मांग करती हैं.
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे "सुरक्षा और शासन की आपराधिक विफलता" करार दिया और कहा कि यह "सिर्फ एक दुर्घटना नहीं" है. उन्होंने एक "पारदर्शी जाँच" के माध्यम से जवाबदेही तय करने पर जोर दिया. वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानदंडों को बनाए रखने की मांग की.
स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी व्यवस्थागत खामियों का आरोप लगाया. कैप्टन वीरिएटो फर्नांडिस ने दावा किया कि क्लब के अंदर इस्तेमाल की गई 'पायरो गन' से विस्फोट हुआ, और उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाया कि क्या "कोई सेटिंग थी" जिसके कारण बिना अनुमति के क्लब चल रहा था. गोवा के लिए AICC प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को भी FIR में शामिल करने की मांग की. गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी आलेमाओ ने इसे "प्रशासन की विफलता" बताते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण गिराए जाने के आदेश वाला क्लब भी चलता रहा.
आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने गोवा सरकार पर हमला करते हुए पूछा कि स्थानीय विधायक या वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई. उन्होंने कहा कि "इस सरकार के हाथों पर खून है." गोवा AAP अध्यक्ष अमित पालेकर ने भी एक अवैध क्लब को संचालित करने की अनुमति देने पर सवाल उठाया और कहा कि मुख्यमंत्री "मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं."
टीएमसी की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने इस घटना को गोवा में "डबल इंजन" शासन मॉडल का "कुल पतन" बताया. उन्होंने कहा कि यह "एक और मानव-निर्मित त्रासदी" है, जहाँ "प्रशासनिक उदासीनता" के कारण निर्दोष लोग पीड़ित हो रहे हैं.
यह घटना गोवा की नाइटलाइफ़ को विनियमित करने के प्रशासन के दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल उठाती है. गोवा के स्वास्थ्य सचिव यतींद्र मरळकर ने बताया कि घायल मरीजों का इलाज चल रहा है, और 25 मृतकों में से 6 की पहचान कर ली गई है.
गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू ने घायलों से मुलाकात के बाद बताया कि मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया है कि "नियामक विभागों की समीक्षा की जाएगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों."