गोवा कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलिजियस इंडिया ने नन हमले की निंदा की
पणजी । डेस्क: कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलिजियस इंडिया गोवा ने छत्तीसगढ़ में कैथोलिक ननों, सिस्टर प्रीति मैरी और सिस्टर वंदना फ्रांसिस पर हुये हमले और उनकी गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की है.
गोवा आर्चडायोसीज के सामाजिक संचार मीडिया केंद्र के माध्यम से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलिजियस इंडिया ने कहा कि इन दो समर्पित ननों पर लगाये गये निराधार आरोपों से उन्हें गहरा दुख हुआ है, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विश्वास के माध्यम से हाशिये पर पड़े लोगों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया है.
गोवा कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलिजियस इंडिया इकाई ने कहा, "इस तरह के कृत्य न्याय, मानवता और हमारी संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता की नींव पर हमला हैं."
"हमें राहत है कि जमानत मिल गई और हमारी बहनें अब हिरासत में नहीं हैं, लेकिन हमें उनके साथ हुये अन्याय और उत्पन्न तनाव को लेकर चिंता बनी हुई है. सिस्टर प्रीति मैरी और सिस्टर वंदना फ्रांसिस को जो कष्ट सहना पड़ा, वह उन चुनौतियों की एक दर्दनाक याद दिलाता है, जिनका सामना निस्वार्थ सेवा करने वाले लोग कर सकते हैं."
इकाई ने आगे कहा, "गोवा के धार्मिक लोग इन शर्मनाक कार्यों की निंदा करने के लिये एकजुट हैं, जो न केवल हमारे समाज की सौहार्द और शांति को खतरे में डालते हैं, बल्कि निस्वार्थ सेवा की पवित्रता को भी प्रभावित करते हैं. इस समय, हम अपनी बहनों और सभी उन लोगों के साथ पूर्ण एकजुटता के साथ खड़े हैं जो न्याय और करुणा के लिए कार्य करते हैं."
कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलिजियस इंडिया गोवा इकाई की अध्यक्ष, सिस्टर फ्लोरी रोड्रिग्स ने विश्वासियों से अपील की कि वे बहनों की निरंतर सुरक्षा, उनके पक्ष में फैसले और न्याय व शांति की बहाली के लिए प्रार्थना करें.