खराब विदेश नीति से देश में ईंधन संकट, कवर्धा कांड पर सरकार को घेरा
बालोद । डेस्क: छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने रविवार को बालोद जिले के अपने संगठनात्मक दौरे के दौरान राज्य की चरमराती कानून-व्यवस्था और केंद्र सरकार की आर्थिक व विदेश नीतियों पर जमकर निशाना साधा. कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए पहुंचे पूर्व डिप्टी सीएम ने हाल ही में कवर्धा में हुई दुष्कर्म की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं क्योंकि प्रशासनिक तंत्र का खौफ खत्म हो चुका है.
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ दुष्कर्म के मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में शुमार हो गया है, जो बेहद दयनीय स्थिति है. सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि अपराध मुक्त समाज की कल्पना तब तक अधूरी है जब तक कि गलत काम करने वालों के मन में सख्त सजा और कानून का खौफ पैदा न किया जाए. शासन को एक ऐसी संवेदनशील और कड़क व्यवस्था स्थापित करनी होगी जिससे अपराधी कोई भी कदम उठाने से पहले सौ बार सोचे.
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे और आर्थिक मोर्चे पर केंद्र की विफलताओं को उजागर करते हुए कांग्रेस नेता ने देश में पैदा हुए ईंधन संकट के लिए सरकार की अदूरदर्शिता को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण भारत में तेल और गैस की भारी किल्लत हो गई है, क्योंकि हमारी निर्भरता 85 प्रतिशत आयात पर है.
अपनी खराब विदेश नीति के कारण केंद्र सरकार राज्यों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में नाकाम रही है. सिंहदेव ने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि सरगुजा और कोरबा जैसे क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों को अब रायपुर डिपो पर निर्भर होना पड़ रहा है और उनके स्वयं के पेट्रोल पंप पर आपूर्ति में 40 फीसदी तक की भारी कटौती कर दी गई है.
उन्होंने तंज कसा कि सरकार की नाकामी का खामियाजा जनता को पेट्रोल पंपों की कतारों में लगकर भुगतना पड़ रहा है और देश की परिस्थितियां विदेशी ताकतों के फैसलों से तय हो रही हैं.
अपने इस दौरे को विशुद्ध रूप से गैर-राजनीतिक और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव का जरिया बताते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले सहयोगियों की जमकर सराहना की.
उन्होंने कहा कि राजनीति में असली संघर्ष और मेहनत तो बूथ स्तर का कार्यकर्ता करता है, जबकि पहचान बड़े चेहरों को मिलती है. नेताओं का कर्तव्य है कि वे सीधे कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनका मनोबल बढ़ाएं.
इस दौरान संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा और जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. सिंहदेव ने दावा किया कि जनता मौजूदा सरकार के कामकाज से त्रस्त है और कार्यकर्ताओं की यही एकजुटता आने वाले समय में बड़ा बदलाव लाएगी.