जगदलपुर की पूर्व महापौर पर भ्रष्टाचार का आरोप, कोर्ट ने किया तलब
जगदलपुर की पूर्व महापौर पर भ्रष्टाचार के आरोप, कोर्ट ने किया तलब
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के जगदलपुर नगर निगम की पूर्व महापौर सफिरा साहू को कोर्ट ने तलब किया है. जब वह महापौर थीं कांग्रेस ने उन पर महापौर निधि में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी.
अब इस मामले में जिला न्यायालय के सीजीएम ने उन्हें 20 जून को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देने कहा है.
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य व पूर्व निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश राय ने आरोप लगाया है कि पूर्व महापौर सफिरा साहू ने महापौर निधि से शहर के अंबेडकर वार्ड में अतिरिक्त कक्ष और सामुदायिक भवन के नाम पर फंड जारी किया था, लेकिन इस वार्ड में ना ही भवन बन पाया और ना ही अतिरिक्त कक्ष बनाया गया. केवल कागजों में ही लाखों रुपए का भवन दिखाया गया और पूरा पैसा आहरण कर भ्रष्टाचार किया गया.
इसके अलावा महापौर निधि से अन्य विकास कार्यों के नाम पर भी करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राजेश राय ने कोर्ट में याचिका दायर किया था.
सभी आरोप बेबुनियाद
इस मामले में पूर्व महापौर सफिरा साहू का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था. बस इसी बात से कांग्रेसी बौखलाए हुए हैं और उन पर झूठा आरोप लगा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कोर्ट का जवाब देने के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं. बलिराम कश्यप वार्ड में महापौर निधि से अतिरिक्त कक्ष और सामुदायिक भवन बनाया है और इसके गवाह वार्डवासी हैं.
पूर्व महापौर ने उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को निराधार बताया है. उन पर लगाए गए झूठे आरोपों को लेकर कांग्रेसियों पर मानहानि का दावा करने की बात कही है.
भाजपा ज्वाइन करते ही सभी फाइलें बंद
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश राय ने आरोप लगाया है कि वर्तमान महापौर संजय पांडे ने कांग्रेस के कार्यकाल में महापौर सफिरा साहू को पैर के नाखून से लेकर बाल तक भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप लगाया था. सफिरा साहू के भाजपा में प्रवेश करते ही भाजपा ने इस बहुचर्चित महापौर निधि घोटाले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था.
उन्होंने कहा कि इन आरोपों को आरटीआई के माध्यम से जानकारी निकाल कर सिद्ध कर भ्रष्टाचार को उजागर किया और न्यायालय की शरण में पहुंचे. अब न्यायालय ने भी तथ्यों और सबूत को ध्यान में रखते हुए पूर्व महापौर सफिरा साहू को आगामी 20 जून को न्यायालय में हाजिर होने का आदेश दिया है.
राजेश राय ने यह भी आरोप लगाया है कि डस्टबिन खरीदी में भी घोटाला किया गया है. इसके अलावा वीड हार्वेस्टर मशीन खरीदी में भी भ्रष्टाचार हुए हैं. इस मामले में भी आरटीआई लगाकर जवाब मांगा गया है. आने वाले समय में भी पूर्व महापौर के द्वारा किए गए करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार को कांग्रेस उजागर करेगी.