खाद नहीं मिलने पर किसानों ने किया चक्काजाम
बालोद | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में खाद की भारी किल्लत से परेशान किसान अब सड़क पर उतर आए हैं. 14 गांवों के सैकड़ों किसानों ने कुसुमकसा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया.
इससे राजनांदगांव-बालोद-भानुप्रतापपुर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की.
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही एसडीएम सुरेश साहू, डीएमओ सौरभ भारद्वाज और पुलिस के विरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे.
अधिकारी किसानों को समझाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन किसान मानने के लिए तैयार नहीं हैं.
अधिकारी प्रदर्शन समाप्त कर शांतिपूर्वक ढंग से बैठकर चर्चा कर समस्या का समाधान निकालने की बात कह रहे हैं. मौके पर तनाव बना हुआ है और प्रदर्शन जारी है.
प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से खाद के लिए भटक रहे हैं. खाद नहीं मिलने से परेशान हैं. अभी तक फसलों में खाद का छिड़काव नहीं कर पाए हैं. समय पर खाद नहीं मिलने से फसल पर असर पड़ रहा है.जबकि फसल को खाद की इसी वक्त अधिक जरूर है. कुछ दिनों के अंदर फसलों को खाद नहीं मिला तो फसल बर्बाद हो जाएगी. इसका असर सीधे उत्पादन पर आएगा.
किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को खाद संकट की जानकारी दी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. लगातार अनदेखी से नाराज होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है. किसानों ने चेतावनी दी है, कि अगर शीघ्र ही खाद की व्यवस्था नहीं कई गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.
किसान नेता और पूर्व जनपद सदस्य अनिल सुथार ने सरकार की कृषि नीति पर सवाल उठाए हैं.उन्होंने कहा कि सरकार की असफल कृषि नीति का ही नतीजा है कि सोसायटी किसानों को समय पर खाद नहीं दे पा रही.
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन खुद ही योजनाबद्ध तरीके से किसानों को खाद से वंचित कर रहा है, जिससे धान का उत्पादन घटे और सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कम धान खरीदना पड़े.