जनप्रतिनिधियों पर चल रहे आपराधिक मुकदमों में तेज़ी लाएं, ब्योरा दें: HC
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य की निचली अदालतों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए वर्तमान और पूर्व सांसदों व विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक प्रकरणों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की पीठ ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुकदमों का निपटारा त्वरित गति से किया जाए.
अदालत ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को भी निर्देशित किया है कि वे राज्य की सभी संबंधित ट्रायल कोर्ट से अद्यतन स्थिति रिपोर्ट जुटाकर अगली नियत तारीख पर पेश करें, ताकि प्रकरणों की समयबद्ध प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके.
वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों की निचली व विशेष अदालतों में कई प्रमुख नेताओं से संबंधित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया चल रही है. उदाहरण के तौर पर, बलौदाबाजार जिले की अदालतों में विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा से जुड़े मामले विचाराधीन हैं, वहीं जांजगीर-चांपा में विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ दर्ज प्रकरण में गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया जारी है.
बिलासपुर में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव तथा रायपुर की पीएमएलए और ईडी की विशेष अदालतों में देवेंद्र यादव, चंद्रदेव प्रसाद राय और कवासी लखमा जैसे नेताओं से जुड़े मामले लंबित हैं. इसके अतिरिक्त रायपुर सीजेएम कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, संजीव शुक्ला, आकाश शर्मा और उद्देश्वरी करा सहित अन्य से संबंधित कानूनी कार्यवाहियां चल रही हैं.
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान न्याय मित्र (एमिकस क्यूरी) डॉ. एन.के. शुक्ला ने पीठ को अवगत कराया कि रायपुर और कबीरधाम जिलों में एक-एक केस का सफलतापूर्वक फैसला हो चुका है, जिससे लंबित मुकदमों की कुल संख्या में दो की कमी दर्ज की गई है.
उच्च न्यायालय ने इस प्रगति को अपने रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित जिला अदालतों को आदेश की प्रति तुरंत भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रिपोर्ट तैयार करने में कोई देरी न हो. उच्च न्यायालय अब इस पूरे विषय पर 25 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई करेगा.