धान बेचकर भी पाई-पाई को तरसे राजनांदगांव के किसान
राजनांदगांव । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में अनाज व्यापारी द्वारा फसल खरीदकर भुगतान न करने का एक बड़ा मामला सामने आया है. स्थानीय किसानों ने गुरुवार को नव-नियुक्त जिला कलेक्टर जितेंद्र यादव से मुलाकात कर न्याय की मांग की है. किसानों का आरोप है कि क्षेत्र के 'मुरारी ट्रेडर्स' ने उनसे रबी (गर्मी) सीजन के धान की खरीदी की थी, लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिली है.
पीड़ितों ने प्रशासनिक कार्रवाई के लिए अपनी ऋण पुस्तिका और अन्य जरूरी दस्तावेज भी सौंपे हैं.
प्रशासन को दिए शिकायती पत्र के अनुसार, मुरारी ट्रेडर्स के संचालक मुरारीलाल खंडेलवाल पर किसानों की लाखों रुपये की राशि दबाकर रखने का आरोप है. किसानों का कहना है कि शुरुआत में व्यापारी लगातार जल्द भुगतान करने का दिलासा देता रहा, लेकिन अब उसने पैसे देने से साफ मना कर दिया है.
पीड़ित किसानों ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताते हुए अंदेशा जताया है कि उक्त व्यापारी मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है, ऐसे में वह क्षेत्र से फरार भी हो सकता है. फिलहाल इस पूरे विवाद पर मुरारी ट्रेडर्स या उनके किसी प्रतिनिधि का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
बकाया राशि के विवरण के मुताबिक, पीड़ित किसानों में लोमस पटेल (चैतन साहू के माध्यम से) का 1.98$ लाख रुपये (110 क्विंटल धान, दर 1800 प्रति क्विंटल), अशोक, अखिलेश व सियाराम का संयुक्त रूप से 1.80 लाख रुपये (102 क्विंटल धान, दर ₹1770 प्रति क्विंटल), मुकेश का 2.56 लाख रुपये (144 क्विंटल धान, दर ₹ 1780 प्रति क्विंटल) और सत्तर का 2.65 लाख रुपये (150 क्विंटल धान, दर ₹ 1770 प्रति क्विंटल) बकाया है.
किसानों का कहना है कि मंडी लाइसेंस होने के बावजूद व्यापारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है और भुगतान न मिलने से वे गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. किसानों ने कलेक्टर से मामले की त्वरित जांच कर दोषी व्यापारी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने और उनकी डूबी रकम वापस दिलाने का आग्रह किया है.