भारत-पाक के बीच 'पीपल-टू-पीपल कनेक्शन' पर जोर- RSS
पुणे । डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने भारत और पाकिस्तान के बीच 'पीपल-टू-पीपल कनेक्शन' (जनता से जनता का जुड़ाव) बढ़ाने की वकालत की है. पुणे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों की सरकारों, सेनाओं और खुफिया एजेंसियों के बीच अब तक हुई पारंपरिक बातचीत के कोई ठोस नतीजे नहीं निकले हैं, इसलिए दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच संवाद बेहद जरूरी है.
सुनील आंबेकर ने हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयानों पर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ पदाधिकारियों की टिप्पणियों को आधिकारिक कूटनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. सरकार को बातचीत करनी चाहिए या नहीं, यह पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों और संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा एक जटिल राजनयिक मामला है.
संघ के प्रचार प्रमुख ने जोर देकर कहा कि विदेश नीति से जुड़े फैसले सरकार पर ही छोड़ दिए जाने चाहिए, विशेषकर संघर्ष या असाधारण परिस्थितियों के समय. उन्होंने कहा कि जब भी विदेशी देशों से संबंधित कोई गंभीर मुद्दा सामने आता है, तो सभी को अपने राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर देना चाहिए. एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन होने के नाते आरएसएस आवश्यकता पड़ने पर सरकार को अपने विचारों से अवगत कराता रहेगा.
आंबेकर ने दोनों देशों के बीच चिकित्सा पर्यटन (मेडिकल ट्रैवल) और व्यापार जैसे मौजूदा माध्यमों का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह के संपर्क साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यादों को संजोने में मदद कर सकते हैं.
इसके साथ ही उन्होंने बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों की भावनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि साझा इतिहास के प्रति बढ़ती जागरूकता लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को सुलझाने में मददगार साबित हो सकती है. संवाद के इस महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-संवाद को राजनीतिक कूटनीति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
इस दौरान सुनील आंबेकर ने देश के जनसांख्यिकीय संतुलन, जनसंख्या नीतियों और मुस्लिम समुदाय तक पहुंच जैसे विभिन्न अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि आरएसएस समाज के सभी वर्गों के साथ सकारात्मक संवाद और संपर्क के लिए हमेशा तैयार रहता है.