मैनपाट में हाथियों का तांडव, स्कूल और घरों को किया तहस-नहस
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले कुछ दिनों से हाथियों का एक दल रिहायशी इलाकों में घुसकर जमकर तबाही मचा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है. ताजा मामले में हाथियों ने ग्राम कंडराजा और चोरकीपानी को निशाना बनाया है.
बीती रात हाथियों के एक झुंड ने कंडराजा स्थित प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय की घेराबंदी कर दी. गजराजों ने न केवल स्कूल की दीवारों और फर्नीचर को क्षतिग्रस्त किया, बल्कि मिड-डे मील के लिए रखे गए राशन को भी चट कर गए. स्कूल में हुई इस तोड़फोड़ के बाद बच्चों की पढ़ाई पर भी संकट खड़ा हो गया है.
इसके बाद हाथियों का दल चोरकीपानी पहुंचा, जहां उन्होंने दो ग्रामीणों के घरों को ढहा दिया और खेतों में लगी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया.
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 14 हाथियों की मौजूदगी है जो दो अलग-अलग समूहों में बटकर विचरण कर रहे हैं.
ग्रामीण रामू राम ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि हाथियों के डर से अब रातों की नींद उड़ गई है; लोग रातभर जागकर अपने परिवार और घरों की रखवाली करने को मजबूर हैं. वहीं, लक्ष्मी नामक ग्रामीण ने बताया कि मेहनत से उगाई गई फसलें हाथियों की भेंट चढ़ रही हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
वन विभाग इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. फॉरेस्ट एसडीओ सपना मुखर्जी ने बताया कि हाथियों की पल-पल की मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए वन विभाग की टीम 24 घंटे अलर्ट पर है.
रेंजर प्रशांत के मुताबिक, प्रभावित ग्रामीणों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सरकारी मुआवजा मिल सके. विभाग ने कड़ा निर्देश जारी करते हुए ग्रामीणों को हिदायत दी है कि वे रात के समय अनावश्यक बाहर न निकलें, हाथियों के करीब जाने का जोखिम न उठाएं और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें.