रायगढ़ में हाथियों का उत्पात: एक रात में उजाड़ दी 15 किसानों की फसल
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला इन दिनों मानव-हाथी द्वंद्व के गंभीर दौर से गुजर रहा है. हाथियों के बढ़ते कुनबे ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. ताजा घटनाक्रम में, रविवार की रात हाथियों के अलग-अलग दलों ने धर्मजयगढ़ वन मंडल में जमकर उत्पात मचाया और करीब 15 किसानों की धान और मक्के की तैयार फसल को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें नुकसान का जायजा लेने में जुटी हैं.
वन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिले के दोनों वन मंडलों में कुल 132 हाथी सक्रिय हैं. इनमें धर्मजयगढ़ वन मंडल सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 94 हाथी मौजूद हैं, जिनमें नर, मादा और शावकों की बड़ी संख्या शामिल है.
वहीं, रायगढ़ वन मंडल में भी 38 हाथियों का मूवमेंट दर्ज किया गया है. रविवार रात हाथियों का दल आमगांव, दर्रीडीह, ओंगना, क्रोंधा और लामीखार जैसे इलाकों में घुसा. यहां ग्रामीणों और वनकर्मियों ने हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन विशालकाय दल सुबह होने तक खेतों में ही डटा रहा और फसलों को रौंदता रहा.
हाथियों की सबसे ज्यादा सक्रियता घरघोड़ा रेंज के नवापारा टेंडा और अमलीडीह के साथ-साथ चैनपुर क्षेत्र में देखी जा रही है.
छाल रेंज के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है. हाथी मित्र दलों के माध्यम से संवेदनशील गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. विभाग का प्रयास है कि हाथियों को रिहायशी इलाकों और खेतों से दूर रखा जा सके, ताकि जन-धन की हानि को कम किया जा सके.