आज़म खान के ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर ED के छापे
नई दिल्ली । डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले की जांच के तहत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की. अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली के जामिया नगर स्थित करीब 10 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है.
इस कार्रवाई की ज़द में सहारनपुर के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के परिसर, दो कंपनियां और ट्रस्ट से जुड़े उनके प्रमोटर भी आए हैं.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला सरकारी ठेकों के फंड में कथित हेराफेरी, निजी ठेकेदारों के ज़रिये पैसों के भटकाव और उनका इस्तेमाल ट्रस्ट व विश्वविद्यालय की संपत्तियां बनाने में करने से जुड़ा हुआ है.
लखनऊ में मुख्यालय वाले इस ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान हैं और इसमें उनके परिवार के सदस्य व सहयोगी भी शामिल हैं.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में जुलाई में रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने नक्शा पास न होने का हवाला देकर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को ढहाने का निर्देश दिया था.
हालांकि, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पढ़ाई में बाधा आने की चिंताओं के बाद डिविजनल कमिश्नर ने इस प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इस बीच, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए प्रशासन से सभी कानूनी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है.