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भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला-छत्तीसगढ़ में ED का छापा

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29 दिस. 2025, 05:13 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला
भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला

रायपुर | संवाददाता : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण घोटाले में छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद जिलों में 9 ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान को लेकर हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के तहत की जा रही है.


जानकारी के मुताबिक, रायपुर में हरमीत सिंह खनूजा के ठिकाने पर ईडी की टीम ने दबिश दी है. वहीं महासमुंद जिले के मेघ बसंत इलाके में व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर भी छापा मारा गया है. दोनों स्थानों पर सुबह करीब 6 बजे से ईडी की कार्रवाई जारी है. घरों के भीतर जांच चल रही है, जबकि बाहर सुरक्षा बल तैनात हैं. किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

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असल में भारत सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है. इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण हुआ. आरोप है कि इस दौरान मुआवजा राशि तय करने और उसके भुगतान में गंभीर अनियमितताएं की गईं. जांच में सामने आया है कि जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर और बैकडेट में दस्तावेज तैयार कर मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया.


बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में करीब 43 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है. जमीन के टुकड़े कर NHAI को करीब 78 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा किया गया. इसमें एसडीएम, पटवारी और भू-माफिया के एक सिंडिकेट की भूमिका सामने आई है.


किन लोगों पर कार्रवाई

ईडी की कार्रवाई जिनसे जुड़े ठिकानों पर हो रही है, उनमें हरमीत सिंह खनूजा, उनके कथित सहयोगी, कुछ सरकारी अधिकारी और भूमि अधिग्रहण से जुड़े जमीन मालिक शामिल हैं.


जांच एजेंसी मुआवजा वितरण में नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल कर रही है.


इस मामले में मीडिया में खबरें सामने आने के बाद पहले कोरबा के डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को निलंबित किया गया था. इससे पहले जगदलपुर नगर निगम आयुक्त निर्भय साहू को भी सस्पेंड किया जा चुका है. निर्भय साहू सहित 5 अधिकारियों और कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी का आरोप है.


क्या है पूरा मामला

राजस्व विभाग के अनुसार, भारतमाला प्रोजेक्ट में अधिग्रहित जिन जमीनों का मुआवजा करीब 29.5 करोड़ रुपये होना चाहिए था, उसे बढ़ाकर 70 करोड़ रुपये से ज्यादा दिखाया गया.


अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में जमीन को 159 खसरों में बांट दिया गया और मुआवजा पाने के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में जोड़ दिए गए.


अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर सड़क के लिए कुल 324 करोड़ रुपये मुआवजा तय किया गया था.


इसमें से 246 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 78 करोड़ रुपये का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है.


ईडी अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी.


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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP