2025 में अब तक का सबसे छोटा दिन
नई दिल्ली । डेस्क: वैज्ञानिकों ने राज खोला है कि 2025 में पृथ्वी अपने सबसे छोटे दिन को रिकॉर्ड कर सकती है. शोध के अनुसार, धरती की रोटेशन गति में बदलाव के कारण यह संभव होगा. इस साल जुलाई या अगस्त में एक दिन 24 घंटे से 1.66 मिलीसेकंड कम हो सकता है.
एस्ट्रोफिजिसिस्ट ग्राहम जोन्स के शोध के अनुसार, 9 जुलाई, 22 जुलाई, या 5 अगस्त को यह रिकॉर्ड बन सकता है. इसका कारण चंद्रमा की कक्षा पर धरती का प्रभाव बताया जा रहा है.
क्यों हो रहा है दिन छोटा इसके जवाब में वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती की रोटेशन गति पिछले पांच सालों में बढ़ी है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे- पृथ्वी के आंतरिक कोर की गतिविधियां, महासागरों और वायुमंडल की हलचल, चंद्रमा और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण प्रभाव, चांडलर वॉबल (धरती की धुरी में झुकाव).
इससे पहले 29 जून 2022 को सबसे छोटा दिन रिकॉर्ड हुआ था, जब धरती ने अपना चक्कर 23 घंटे, 56 मिनट और 4.4 सेकंड में पूरा किया था. वैज्ञानिकों ने इस बदलाव को सामान्य माना है और इसे लेकर चिंता की कोई बात नहीं बताई.