चरित्र शंका में महिला का गला घोंटने वाले को उम्रकैद
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक महिला की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी को अदालत ने कानून का कड़ा पाठ पढ़ाया है. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले पर सुनवाई करते हुए आरोपी दुर्गा प्रसाद मारकण्डेय उर्फ दुर्गा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चरित्र पर संदेह के चलते की गई इस क्रूर हत्या के मामले में दोषी के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती. उम्रकैद के साथ ही उस पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न चुकाने पर उसे तीन महीने की अतिरिक्त कड़ी जेल काटनी होगी.
यह पूरा घटनाक्रम जामुल थाना इलाके का है, जहां शिवपुरी में वेदमती वर्मा नाम की महिला अकेले किराये का कमरा लेकर रहती थी. साल 2023 में 23 अगस्त की शाम को इस वारदात का खुलासा तब हुआ, जब मकान से कोई हलचल न होने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ.
सूचना पाकर जब मृतका का भाई मौके पर पहुंचा, तो वेदमती का शव कमरे में बेहद बदहाल स्थिति में मिला. उसके गले में प्लास्टिक की रस्सी कसी हुई थी और चेहरे व नाक-कान पर चोट के गहरे निशान थे.
मामले की तफ्तीश के दौरान सुपेला अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभियोजन पक्ष का सबसे मजबूत आधार बनी. मेडिकल जांच में यह साबित हुआ कि महिला की मौत दम घुटने (होमीसाइडल) से हुई थी और उसके शरीर पर हाथापाई के निशान भी मिले थे, जो इस बात का गवाह थे कि उसने बचने के लिए कड़ा संघर्ष किया था.
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी दुर्गा प्रसाद ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह 22 अगस्त 2023 की रात नशे की हालत में मृतका के घर पहुंचा था. शक के दायरे में आकर उसने रस्सी से महिला का गला दबा दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद मृतका के सोने के टॉप्स और चांदी के जेवरात लेकर चंपत हो गया था.
पुलिस ने बाद में आरोपी की निशानदेही पर इन आभूषणों को बरामद किया. अदालत ने गवाहों के बयानों, मेडिकल साक्ष्यों और लूटे गए सामान की बरामदगी को पुख्ता सबूत मानते हुए हत्यारे को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का आदेश जारी कर दिया.