दुर्ग: छात्र से अश्लील हरकत के आरोप में डॉक्टर गिरफ्तार
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित एक एडॉप्शन सेंटर के संचालक एवं आयुर्वेद डॉक्टर को 10वीं कक्षा के छात्र के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी पर आरोप है कि उसने मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने आए छात्र के साथ जांच के दौरान अनुचित हरकत की. इस सनसनीखेज घटना के सामने आते ही जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित एडॉप्शन सेंटर के पंजीयन को रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है.
यह मामला दुर्ग के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बोरसी स्थित 'सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर' का है. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 10वीं का एक छात्र अपने दोस्त का मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इस सेंटर पर पहुंचा था. वहां मौजूद 61 वर्षीय डॉक्टर सुधीर हिसीकर पर आरोप है कि उसने छात्र को गले लगाया और उसके साथ अश्लील हरकत की.
पीड़ित छात्र किसी तरह वहां से बचकर अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरी बात बताई. इसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत हिरासत में लिया और शनिवार को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को एडॉप्शन सेंटर की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसका रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. पुलिस और प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि सेंटर का संचालन निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा था या नहीं.
उल्लेखनीय है कि मूल रूप से महाराष्ट्र निवासी आरोपी डॉक्टर बीएएमएस (आयुर्वेद) की डिग्रीधारक है और अपनी डॉक्टर पत्नी के साथ मिलकर इस मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर का संचालन करता था.
यह संस्थान राज्य के प्रमुख गोद लेने वाले केंद्रों में से एक माना जाता है, जहां से अब तक 12 से अधिक अनाथ और बेसहारा बच्चों को देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी गोद दिया जा चुका है. हाल ही में महाराष्ट्र की एक महिला जज ने भी इसी केंद्र से दो बच्चों को गोद लिया था.
पुलिस का कहना है कि मामले में हर पहलू से निष्पक्ष जांच जारी है और यदि इस कृत्य में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.