बांग्लादेश पीएम की प्रस्तावित भारत यात्रा पर संशय गहराया
नई दिल्ली । डेस्क: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा और 12-13 सितंबर को प्रस्तावित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक असमंजस गहराता जा रहा है. राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार 21 अगस्त, 2026 को 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह रद्द करने संबंधी अपने पिछले आदेश को वापस ले लिया है, जिससे इस उच्चस्तरीय यात्रा को लेकर अनिश्चितता का माहौल और बढ़ गया है.
पहले राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत के पूर्वाभ्यास (फुल रिहर्सल) के कारण शनिवार, 22 अगस्त को 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह आयोजित नहीं होगा. हालांकि, इस आदेश के जारी होने के एक घंटे के भीतर ही राष्ट्रपति भवन ने एक नया प्रेस वक्तव्य जारी कर पुरानी विज्ञप्ति को वापस ले लिया.
यह कूटनीतिक उथल-पुथल ऐसे समय में सामने आई है जब ढाका द्वारा अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव बना हुआ है.
हालांकि, इस तनाव को कम करने के लिए भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने हाल ही में ढाका में बांग्लादेशी व्यापारिक नेताओं और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस यात्रा को 'यादगार' बनाना चाहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा था कि दोनों नेताओं का मिलना बेहद जरूरी है.
इसके अलावा, भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश के वित्त एवं योजना मंत्री अमीर खसरू महमूद चौधरी से भी मुलाकात की और उन्हें कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' की एक प्रति भेंट करते हुए दोनों देशों के बीच आर्थिक और विकास परियोजनाओं पर चर्चा की. उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन से भी मुलाकात की थी.
दूसरी ओर, ढाका से आ रहे संकेत अभी भी सतर्कता भरे हैं. बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि जब तक नई दिल्ली से "सम्मानजनक निमंत्रण" और "परस्पर विश्वास" का वातावरण तैयार नहीं होता, तब तक प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा की संभावना बेहद कम है. राष्ट्रपति भवन के आदेश वापस लिए जाने से इस प्रस्तावित यात्रा पर कूटनीतिक प्रश्नचिह्न और गहरा गया है.