बस्तर टोल प्लाजा में विवाद, कर्मचारियों ने की महिला से मारपीट
छत्तीसगढ़ के बस्तर में टोलप्लाजा कर्मचारियों द्वारा विवाद
बस्तर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में नेशनल हाइवे- 30 में बढ़ईगुड़ा के पास बने टोल प्लाज़ा के कर्मचारियों के द्वारा राहगीरों से मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला बढ़ता जा रहा है. रविवार की देर रात भी एक परिवार की महिला से मारपीट करने का मामला सामने आया है.
जानकारी के मुताबिक बस्तर जिले के सोनपाल निवासी एक परिवार दंतेवाड़ा से मां दंतेश्वरी मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहा था. परिवार का आरोप है कि लौटते वक्त टोल प्लाज़ा पर उनकी स्कॉर्पियो वाहन को ब्लैकलिस्टेड बताते हुए रोका गया.
पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया कि वाहन लोकल पासिंग है और टोल टैक्स पूर्ण रूप से लागू नहीं होता. फिर भी टोल कर्मचारी न केवल टैक्स वसूलने पर अड़े रहे, बल्कि कथित रूप से गाली-गलौज और हाथापाई पर उतर आए.
परिजनों का आरोप है कि टोल प्लाज़ा के कर्मचारी नशे की हालत में थे. जिससे विवाद और बढ़ गया,और कर्मचारियों ने महिला से भी मारपीट करते हुए बदसलूकी की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्तर थाना पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए संबंधित कर्मचारियों को हिरासत में लिया है. पीड़ित परिवार ने थाना बस्तर में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
गौरतलब है कि बढ़ईगुड़ा टोल प्लाजा में कर्मचारियों द्वारा मारपीट का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कर्मचारियों पर असहज व्यवहार, तकनीकी समस्याएं और प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं.
स्थानीय लोगों ने कई बार NHAI यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
क्या कहते हैं जानकार
जानकार और पेशे से अधिवक्ता संजय शुक्ला के मुताबिक टोल संचालन के मानक नियमों के अनुसार 10 सेकंड से अधिक किसी वाहन को रोका नहीं जा सकता.
यदि टोल प्लाज़ा की तकनीकी प्रणाली (RFID स्कैनर, FASTag सिस्टम, Server Sync)में समस्या हो, तो वाहन को बिना चार्ज के पास किया जाना चाहिए.
लोकल पासिंग वाहनों के लिए Exemption Rules स्पष्ट हैं और उन्हें लागू करना अनिवार्य है.
बढ़ईगुड़ा टोल पर न तो यह प्रोटोकॉल फॉलो किया जाता है और न ही तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु कोई हेल्प डेस्क सक्रिय है. कई बार कर्मचारियों पर नशे में धुत रहने के भी आरोप लगते रहे हैं.
आंदोलन और शिकायतों के बाद भी मनमानी
खास बात यह है कि बस्तर परिवहन संघ ने भी इस टोल प्लाजा के विरोध में कई बार आंदोलन किया है. बीपीएस के अध्यक्ष प्रदीप पाठक का कहना है कि यह जगदलपुर शहर से मात्र 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
नियम के मुताबिक लोकल पासिंग वाहनों को इसमें छूट दी जानी चाहिये, लेकिन जगदलपुर पासिंग वाहनों से भी दूसरे जिलों के वाहनों के बराबर टैक्स वसूला जाता है.
टैक्स नहीं देने की बात कहने पर कर्मचारियों के द्वारा विवाद और बदसलूकी की जाती है. कई बार मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल के नाम और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के भी नाम से ज्ञापन सौपा गया है, लेकिन इस मामले में किसी ने भी संज्ञान नहीं लिया.
बीस कि.मी के दायरे में लोकल पासिंग वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूलने की लंबे समय से मांग की जा रही है.
पुलिस मामले की कर रही तहकीकात
इधर बस्तर के थाना प्रभारी सुरेश जांगड़े का कहना है कि पीड़ितों की शिकायत पर टोल प्लाजा के 3 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है. महिला से दुर्व्यवहार करने और परिवार वालों से मारपीट की बात सामने आई है.
टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी से फुटेज भी निकाले जा रहे हैं. पीड़ित लोगों का एमएलसी कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है.
वहीं अब तक इस मामले में टोल प्लाजा की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.