डायनासोर का जीवाश्म मिला, मुंह में 'शत्रु' प्राणी की हड्डियां!
नई दिल्ली । डेस्क: अर्जेंटीना में वैज्ञानिकों ने हाल ही में मेगाराप्टर डायनासोर की एक नई प्रजाति का जीवाश्म खोजा है, जिसके मुंह में एक अन्य प्राणी की हड्डियां मिली हैं. यह खोज न केवल एक नई प्रजाति को उजागर करती है, बल्कि इसके खान-पान की आदतों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी देती है.
इस जीवाश्म ने वैज्ञानिकों में खासा उत्साह पैदा किया है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी मेगाराप्टर के मुंह में किसी अन्य प्राणी की हड्डियां पाई गई हैं.
खोज का विवरण
यह जीवाश्म दक्षिण अमेरिका के आर्जेंटीना में मिला, जहां मेगाराप्टर डायनासोर मुख्य रूप से निवास करते थे. जीवाश्म के विश्लेषण से पता चला है कि इस डायनासोर का वैज्ञानिक नाम जोआक्विनराप्टर कासाली है. इसके मुंह में पाई गई हड्डी को वैज्ञानिकों ने आधुनिक मगरमच्छ के किसी पूर्वज की प्रजाति से जोड़ा है. इस डायनासोर की लंबाई नाक से पूंछ तक लगभग 23 फीट थी और इसका वजन करीब 1000 किलोग्राम था. इसकी उम्र 19 वर्ष से अधिक नहीं थी, और मृत्यु के समय यह यौन परिपक्वता तक पहुंच चुका था, लेकिन पूर्ण वयस्क नहीं था. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह जीवाश्म 6 करोड़ 80 लाख वर्ष पुराना है.
खाद्य आदतों पर बहस
जीवाश्म के मुंह में मिली हड्डी, जो मगरमच्छ जैसी प्रजाति के सामने के पैर की हड्डी (ह्यूमेरस) है, ने वैज्ञानिकों में बहस छेड़ दी है. कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि यह डायनासोर मगरमच्छ जैसी प्रजाति को खा रहा था, और उसी दौरान इसकी मृत्यु हो गई. हड्डी पर दांतों के निशान भी मिले हैं, जो यह संकेत देते हैं कि दोनों प्राणियों के बीच संभवतः संघर्ष हुआ था. हालांकि, कुछ वैज्ञानिक इस बात से सहमत नहीं हैं कि यह हड्डी डायनासोर के भोजन का हिस्सा थी. उनका कहना है कि यह हड्डी किसी अन्य कारण से डायनासोर के मुंह में आ सकती है. इस विषय पर और शोध की आवश्यकता है.
मेगाराप्टर और थेरापॉड
मेगाराप्टर मांसाहारी डायनासोर थे, जो थेरापॉड समूह का हिस्सा थे. ये डायनासोर दो पैरों पर चलते थे और दक्षिण अमेरिका में इनका वर्चस्व था, जबकि उत्तरी अमेरिका में टायरानोसॉरस जैसे डायनासोर पाए जाते थे. इस नई खोज से मेगाराप्टर की खाद्य आदतों के बारे में अब तक का सबसे स्पष्ट प्रमाण मिला है. प्याटागोनियन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजी एंड पेलियंटोलॉजी के जीवाश्म विशेषज्ञ लुसियो इबिरिसु ने कहा, "हमें डायनासोर के निचले जबड़े की हड्डी में एक ह्यूमेरस मिला है. इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि यह डायनासोर मगरमच्छ जैसी प्रजाति को खा रहा था, जब उसकी मृत्यु हुई. हालांकि, यह केवल एक अनुमान है, न कि पक्का प्रमाण."
जीवाश्म की विशेषताएं
इस जीवाश्म में डायनासोर के जबड़े, खोपड़ी, पैर और पूंछ के कुछ हिस्सों की हड्डियां शामिल हैं. यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले किसी मेगाराप्टर का इतना बड़ा हिस्सा नहीं मिला था. पहले मिले जीवाश्मों के आधार पर वैज्ञानिकों को डायनासोर की संरचना का अनुमान लगाना पड़ता था, लेकिन इस खोज ने उनकी समझ को और मजबूत किया है. मेगाराप्टर न केवल दक्षिण अमेरिका, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में भी पाए जाते थे.
शोध और प्रकाशन
इस खोज से संबंधित शोध पत्र नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है, जिसमें नई प्रजाति और इसके खान-पान की आदतों पर विस्तार से चर्चा की गई है. यह जीवाश्म अब पुरातत्वविदों और वैज्ञानिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, और इस पर आगे भी शोध जारी रहेगा.
(फोटो- प्रतीकात्मक)