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पुरुषों के Y क्रोमोसोम कम होने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर

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16 फ़र. 2026, 10:47 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

Y क्रोमोसोम
Y क्रोमोसोम

नई दिल्ली । डेस्क: पुरुषों में पिता से प्राप्त Y क्रोमोसोम धीरे-धीरे लुप्त होने की राह पर है, और वैज्ञानिकों को इसकी आहट पहले से ही मिल चुकी है. नई शोध से पता चला है कि उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों की कोशिकाओं से Y क्रोमोसोम गायब हो जाता है, जो कई गंभीर बीमारियों की जड़ से जुड़ा हो सकता है. पहले वैज्ञानिक मानते थे कि Y क्रोमोसोम की अनुपस्थिति से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अब यह धारणा गलत साबित हो रही है.


Y क्रोमोसोम पुरुषों का लिंग निर्धारक है, जो पिता से विरासत में मिलता है. लेकिन उम्र के साथ यह कोशिकाओं से गायब होने लगता है. आंकड़ों के मुताबिक, 60 साल की उम्र वाले 40% पुरुषों में Y क्रोमोसोम अनुपस्थित होता है, जबकि 90 साल की उम्र वाले 57% बुजुर्गों में यह दर और बढ़ जाती है. धूम्रपान और रसायनों के संपर्क में रहना इस प्रक्रिया को और तेज करता है.


वैज्ञानिकों का कहना है कि Y क्रोमोसोम कुछ कोशिकाओं से ही गायब होता है, सभी से नहीं. एक बार गायब होने पर यह वापस नहीं आता. इससे शरीर में Y वाले और Y-रहित कोशिकाओं का मिश्रण बनता है. Y-रहित कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं, जिससे शारीरिक विकास में उन्हें फायदा मिलता है. अन्य क्रोमोसोम में हजारों प्रोटीन-कोडिंग जीन होते हैं, लेकिन Y में सिर्फ 51 जीन हैं. पहले इन्हें केवल लिंग निर्धारण और शुक्राणु कार्यक्षमता से जोड़ा जाता था.


नई शोध से साफ हुआ कि Y क्रोमोसोम की कमी से किडनी रोग, हृदय रोग, अल्जाइमर और यहां तक कि कैंसर का खतरा बढ़ता है. जर्मनी की एक स्टडी में पाया गया कि 60 साल से ऊपर के उन बुजुर्गों में हृदय रोग की जोखिम ज्यादा है, जिन्होंने Y क्रोमोसोम खो दिया है. 


कोविड से मौत के मामलों में भी Y की कमी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. कैंसर प्रभावित कोशिकाओं से Y गायब होना आम है, और इससे इलाज में कम प्रतिक्रिया मिलती है.


वैज्ञानिकों ने Y-रहित रक्त कोशिकाओं को चूहों में इंजेक्ट करके परीक्षण किया, जिसमें उनमें उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारियां, हृदय कार्यक्षमता में कमी और हृदय रोग के लक्षण दिखे. Y क्रोमोसोम के जीन पूरे शरीर पर असर डालते हैं, हालांकि मस्तिष्क में इनकी भूमिका सीमित है. 


पार्किंसन रोग में मस्तिष्क पर इसका प्रभाव देखा गया है. चार जीन केवल वृषण में सक्रिय हैं, जबकि बाकी 46 जीन शरीर में व्यापक रूप से काम करते हैं, और कुछ कैंसर रोकने वाले हैं. ये जीन X क्रोमोसोम में भी मौजूद हैं, इसलिए महिलाओं पर भी समान प्रभाव पड़ता है.


वैज्ञानिकों का मानना है कि Y क्रोमोसोम की कमी और बीमारियों के बीच संबंध अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. हो सकता है कि कोई तीसरा फैक्टर इसमें भूमिका निभा रहा हो. इस पर और शोध की जरूरत है. यह खोज पुरुष स्वास्थ्य पर नए नजरिए दे रही है और भविष्य में इलाज के नए तरीके खोल सकती है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP