ऑनलाइन मैरिज स्कैम का भंडाफोड़, छत्तीसगढ़ से 11 गिरफ्तार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ साइबर पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर शील्ड' के तहत एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह ने नकली सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल करके पूरे भारत में हजारों लोगों को 'मैट्रिमोनी स्कैम' के ज़रिए ठगा.
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमरेश मिश्रा ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने जमशेदपुर (झारखंड) और बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 36 मोबाइल फोन तथा कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं.
जाँच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले दो वर्षों से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था, जो मुख्य रूप से जमशेदपुर और बिलासपुर के सरकंडा इलाके से संचालित हो रहे थे. उन्होंने इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर 262 नकली आईडी बनाई थीं, जिनके पाँच मिलियन (50 लाख) से अधिक फॉलोअर्स थे. वे महिलाओं की तस्वीरों और नकली फ़ोन नंबरों का उपयोग करके लोगों को, खासकर वैवाहिक गठबंधन की तलाश कर रहे पुरुषों को, फँसाते थे और फिर झूठे बहाने से पैसे वसूलते थे.
धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस के अनुसार, धोखेबाज महिलाओं की चोरी की गई या AI-जनरेटेड तस्वीरों का उपयोग करके नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल और "वैवाहिक" आईडी बनाते थे. वे इन्हें मनगढ़ंत संपर्क नंबरों के साथ पोस्ट करते थे, जिससे अनजाने लोग उनसे संपर्क करते थे. एक बार संपर्क स्थापित होने के बाद, पीड़ितों से महिला का बायोडाटा, पारिवारिक पृष्ठभूमि और पता जैसी जानकारी देने का वादा किया जाता था-लेकिन इसके लिए 'कीमत' चुकानी पड़ती थी. भुगतान 'म्यूल बैंक खातों' के माध्यम से किया जाता था, जिसके बाद स्कैमर्स गायब हो जाते थे.
डीडी नगर पुलिस स्टेशन में HDFC बैंक में खोले गए 79 म्यूल बैंक खातों के संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था. यह जाँच रायपुर रेंज साइबर पुलिस स्टेशन द्वारा डिजिटल फुटप्रिंट्स, लेन-देन के रिकॉर्ड और जब्त उपकरणों से निकाले गए डेटा के आधार पर की गई.
आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाने और धोखाधड़ी के लिए म्यूल खातों का उपयोग करने वाले अन्य संदिग्धों की पहचान कर रही है. उन्होंने कहा, "यह हाल के दिनों में सामने आए सबसे बड़े अंतर्राज्यीय साइबर धोखाधड़ी अभियानों में से एक है. जाँच उन अन्य लोगों का पता लगाने के लिए भी बढ़ाई जा रही है, जिन्होंने बैंकिंग चैनलों और ऑनलाइन पहचान में हेरफेर में सुविधा प्रदान की."
गिरफ्तार सभी 11 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि तकनीकी टीमें अतिरिक्त सुरागों के लिए उनके जब्त उपकरणों का विश्लेषण करना जारी रखे हुए हैं.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम
गिरफ्तार किए गए लोगों में डिजिटल संचालन और मनी ट्रांसफर को संभालने वाले मास्टरमाइंड शामिल हैं:
झारखंड (जमशेदपुर): शुभम दास, लक्ष्मण गोप और असित पातर
छत्तीसगढ़ (बिलासपुर और आसपास के ज़िले): सूरज पटेल, सुखसागर केवट, मनसु डाहिरे, अनिकेत कुलदीप, करण पुष्प्कर, रमाकांत गंधर्व, सिराज खान और त्रियंबक भास्कर.