‘अर्नब’ से फसलों को नुकसान: राज्य शासन का बीमा कंपनियों को त्वरित सर्वेक्षण और दावा भुगतान का निर्देश
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण फसलों की क्षति का जल्द से जल्द आंकलन करने और बीमा राशि के त्वरित भुगतान के लिए कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को दिए गए सख्त निर्देश. किसान 72 घंटे में 14447 पर सूचना दे सकते हैं.
रायपुर । संवाददाता: 30 अक्टूबर 2026: चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी तथा कटाई उपरांत रखी गई फसलों को क्षति पहुंचने की सूचनाएं मिल रही हैं. इस स्थिति को देखते हुए राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टरों, उप संचालक कृषि और बीमा कंपनियों को किसानों से प्राप्त फसल हानि की सूचनाओं का सर्वेक्षण निर्धारित समय-सीमा में और द्रुत गति से पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित किसानों को दावा राशि का भुगतान जल्द हो सके.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश में कुल 11 फसलें अधिसूचित हैं—धान (सिंचित), धान (असिंचित), मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी और रागी.
स्थानीय आपदा के अंतर्गत बेमौसम बारिश से नुकसान होने तथा फसल काटकर खेत में सुखाने हेतु रखी गई (करपा) फसल को कटाई के 14 दिनों के भीतर चक्रवात, चक्रवाती वर्षा अथवा बेमौसम वर्षा से होने वाली हानि पर भी दावा भुगतान का प्रावधान है.
प्रदेश में कुल 21,26,576 हेक्टेयर रकबे में धान की फसल बीमित कराई गई है. असमायिक वर्षा से उत्पादन में कमी आने पर फसल कटाई प्रयोग के आधार पर दावा भुगतान का प्रावधान रखा गया है, जिसके लिए विभाग द्वारा फसल कटाई प्रयोग की वांछित कार्यवाही कराई जा रही है.
चक्रवात के प्रतिकूल प्रभाव से प्रभावित फसल क्षति की अब तक कुल 59,666 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 88 सूचनाओं का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है और शेष का सर्वेक्षण जारी है.
फसल हानि की स्थिति में किसान भाई 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल के टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दे सकते हैं.
सूचना प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर बीमा कंपनी द्वारा सर्वेयर नियुक्त किया जाएगा, 10 दिनों के भीतर सर्वे पूर्ण होगा और सर्वे के उपरांत 15 दिनों के भीतर पात्र दावा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी.
अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उप संचालक कृषि अथवा संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं.