सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली, धनखड़ भी दिखे
नई दिल्ली । डेस्क: भारत के पंद्रहवें उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन ने शपथ ग्रहण किया. राष्ट्रपति भवन में सुबह 10:10 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं.
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी अपनी पत्नी के साथ समारोह में मौजूद थे. 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद यह पहला मौका था जब धनखड़ सार्वजनिक रूप से नजर आए.
पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने उपराष्ट्रपति चुनाव को अनिवार्य बना दिया था.
बीते मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए समर्थित उम्मीदवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल राधाकृष्णन ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज बी. सुदर्शन रेड्डी के खिलाफ जीत हासिल की.
मतगणना के बाद राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए.
21 जुलाई को धनखड़ ने शारीरिक अस्वस्थता का हवाला देते हुए अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस कदम ने विपक्षी खेमे में कई सवाल खड़े किए.
हालांकि, सत्तारूढ़ पक्ष ने स्पष्ट किया कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया और इस मुद्दे पर किसी तरह की अटकलबाजी की कोई गुंजाइश नहीं है.
धनखड़ के उत्तराधिकारी के चयन के लिए मंगलवार को मतदान हुआ. विजयी राधाकृष्णन अगले पांच वर्षों तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य करेंगे.
पद के हिसाब से उन्हें संसद के उच्च सदन, राज्यसभा के सभापति के रूप में भी जिम्मेदारी निभानी होगी.
धनखड़ के कार्यकाल में विपक्षी सांसदों ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था. विपक्ष को उम्मीद है कि राधाकृष्णन 'निष्पक्ष' व्यवहार करेंगे.