भ्रष्टाचार का मुकदमा: क्या इजरायली PM नेतन्याहू की कुर्सी खतरे में है?
यरूशलेम । डेस्क: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समय अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं. एक तरफ जहां रविवार से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई दोबारा शुरू होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे लगातार अलग-थलग पड़ते दिख रहे हैं.
नेतन्याहू पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के गंभीर आरोप हैं, जिन्हें उन्होंने हमेशा नकारा है. हालांकि, अदालती कार्यवाही शुरू होने की खबर ऐसे समय में आई है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव के बाद लगा आपातकाल हटाया गया है.
विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने नेतन्याहू सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे इजरायल के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक आपदा करार दिया है. लैपिड का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण फैसलों के समय इजरायल को अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं से बाहर रखा जा रहा है.
वैश्विक स्तर पर भी नेतन्याहू की रणनीति की आलोचना हो रही है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने आरोप लगाया है कि नेतन्याहू जेल जाने से बचने और अपनी जवाबदेही टालने के लिए युद्ध को लंबा खींच रहे हैं.
यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने भी लेबनान में जारी इजरायली हमलों पर चिंता जताई है और अमेरिका-ईरान युद्धविराम को लेबनान तक बढ़ाने की वकालत की है.
रिपोर्टों के अनुसार, आगामी अक्टूबर में होने वाले चुनावों और जनता के बीच गिरती लोकप्रियता के कारण नेतन्याहू का सत्ता में बने रहना मुश्किल लग रहा है.
अमेरिका में भी इजरायल के प्रति जनमत नकारात्मक हुआ है, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल को शांति वार्ता से दरकिनार किए जाने की खबरें नेतन्याहू के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका मानी जा रही हैं. फिलहाल, सबकी नजरें रविवार से शुरू होने वाले उनके ट्रायल और राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग के संभावित क्षमादान के फैसले पर टिकी हैं.