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नवलनी की मौत पर गहराया विवाद: यूरोपीय देशों के आरोपों को रूस ने नकारा

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17 फ़र. 2026, 10:35 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

अलेक्सी नवलनी
अलेक्सी नवलनी

मास्को । डेस्क: रूसी विपक्ष के दिवंगत नेता अलेक्सी नवलनी की मौत की पहली बरसी पर रूस और यूरोपीय देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और स्वीडन ने एक संयुक्त बयान जारी कर दावा किया है कि नवलनी की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उन्हें Epibatidine नामक घातक जहर देकर मारा गया था. 


यह जहर मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिकी 'पॉइजन डार्ट' मेढकों में पाया जाता है. इन देशों का आरोप है कि रूसी प्रशासन के पास नवलनी को यह जहर देने के पर्याप्त संसाधन, मकसद और अवसर मौजूद थे.


इन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को कहा कि रूस इन दावों को पूरी तरह से निराधार और पक्षपाती मानता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस इन आरोपों को "कड़ाई से खारिज" करता है. 


गौरतलब है कि 16 फरवरी, 2024 को आर्कटिक की एक जेल में 47 वर्षीय नवलनी की मृत्यु हो गई थी, जहां वे उग्रवाद के आरोपों में 19 साल की सजा काट रहे थे. जेल प्रशासन ने उस समय उनकी मृत्यु का कारण टहलने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ना बताया था.


नवलनी की बरसी के अवसर पर सोमवार को मास्को में उनकी कब्र पर समर्थकों और विदेशी राजनयिकों का तांता लगा रहा. 


रूसी अधिकारियों द्वारा नवलनी के संगठन को "उग्रवादी" घोषित किए जाने के बावजूद, कई लोग चेहरे पर मास्क लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे.


विशेषज्ञों का कहना है कि जिस Epibatidine जहर का जिक्र किया जा रहा है, वह शरीर के नर्वस सिस्टम पर हमला करता है और सांस लेने में तकलीफ व दौरे पड़ने के कारण मौत का कारण बनता है. नवलनी की विधवा, यूलिया नवलनाया ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है, हालांकि विपक्षी खेमा फिलहाल बिखरा हुआ नजर आ रहा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP