खाद-बीज की किल्लत, बिजली बिल में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का प्रदर्शन
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं. खाद-बीज की कमी, डीजल के संकट और बिजली की बढ़ी हुई दरों को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी सिलसिले में सरगुजा जिला किसान कांग्रेस ने एकजुट होकर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से कलेक्टोरेट तक एक विशाल रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर अजीत वसंत को अपनी ९ सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा.
किसान नेताओं का आरोप है कि केंद्र की अव्यवहारिक नीतियों और वैश्विक परिस्थितियों के चलते आज पूरे देश समेत छत्तीसगढ़ का किसान भी खाद के गंभीर संकट से जूझ रहा है.
सोसायटियों में जरूरत के मुताबिक खाद और बीज उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बुआई प्रभावित होने की आशंका है.
इसके अलावा, प्रति एकड़ खाद की निर्धारित मात्रा में कटौती किए जाने से किसानों में भारी आक्रोश है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते खाद की आपूर्ति नहीं सुधारी गई, तो आने वाले दिनों में देश के सामने खाद्यान्न का एक बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को राहत देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा को बढ़ाकर तत्काल ४०००० रुपये प्रति एकड़ किया जाए. साथ ही, खेती-किसानी के काम के लिए किसानों को जरकिन में भी डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए ताकि वे सुचारू रूप से ट्रैक्टर व पंप चला सकें.
रैली और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से किसान कांग्रेस के शहरी अध्यक्ष दुर्गेश गुप्ता और ग्रामीण अध्यक्ष नागेश्वर यादव ने किया. इस दौरान पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, हेमंत सिन्हा, मोहम्मद इस्लाम, विनय शर्मा, इंद्रजीत सिंह धंजल, अमित सिंहदेव, बलराम यादव, रामविनय सिंह, मदन जायसवाल, डॉ. लालचंद यादव, संजीव मंदिलवार और आलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे.