महंगाई और ईंधन किल्लत के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
रायपुर । संवाददाता: ईंधन और रसोई गैस के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी तथा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर कथित किल्लत के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को आक्रामक रुख अख्तियार किया. कांग्रेस ने वीआईपी रोड स्थित श्री राम मंदिर चौक पर इंडियन ऑयल के राज्य मुख्यालय का तीन घंटे तक घेराव कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले दो महीनों में घरेलू एलपीजी के दामों में करीब 90 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही बाजार में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी बेहद अनियमित हो गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर भी कड़ा एतराज जताया, जिसमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाले सिलेंडरों की संख्या सालाना नौ से घटाकर चार कर दी गई है. उन्होंने इसे गरीब परिवारों पर एक अतिरिक्त और अन्यायपूर्ण आर्थिक बोझ बताया.
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन और पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. उन्होंने स्मृति ईरानी और राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई पर आज ये नेता पूरी तरह मौन साधे हुए हैं.
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कुलदीप जुनेजा ने भी केंद्र व राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि दोनों सरकारें मिलकर देश में महंगाई बढ़ा रही हैं और चुनाव से पहले किए गए सारे वादे महज "झूठे वादे" साबित हुए हैं.
इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल की तुलना मौजूदा स्थिति से करते हुए मेनन ने कहा कि यूपीए सरकार के समय जब ब्रेंट क्रूड (अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल) के दाम लगभग 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे, तब भी देश में एलपीजी मात्र 410 रुपये, डीजल 62 रुपये और पेट्रोल 65 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था.
उन्होंने दावा किया कि यूपीए की जनहितैषी नीतियों के कारण ही भारत उस दौर की वैश्विक मंदी के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित रहा था.
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंडियन ऑयल के अधिकारियों और जिला प्रशासन को एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा. इस ज्ञापन में बढ़ती महंगाई पर तुरंत रोक लगाने, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर सब्सिडी बढ़ाने, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सालाना 12 सिलेंडर सुनिश्चित करने और ईंधन की किल्लत को जल्द से जल्द दूर करने की मांग की गई है.
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में सांसदों और विधायकों के आवासों का भी घेराव किया जाएगा.