कांग्रेस पार्टी का निष्कर्ष- छत्तीसगढ़ से 5 लाख मवेशी गायब
रायपुर । संवाददाता: प्रदेश में आवारा मवेशियों की स्थिति और गोवंश संरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी पर गोवंश प्रबंधन में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है. पार्टी का दावा है कि राज्य में प्रशासनिक उदासीनता के कारण पिछले ढाई वर्षों के दौरान पशुधन की संख्या में भारी गिरावट आई है और लगभग 5 लाख से अधिक मवेशी रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं.
इस स्थिति के चलते शहरों और ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर घूम रहे मवेशी लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय ठाकुर के अनुसार, प्रदेश में सरकार बदलते ही पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन द्वारा संचालित 10,000 से अधिक गोठानों को बंद कर दिया गया. इसके अलावा गोबर खरीदी की योजनाओं को भी ठप्प कर दिया गया है.
पूर्व में इन गोठानों के जरिए करीब 14 लाख गोवंश की देखभाल और उनके चारे-पानी का समुचित प्रबंध किया जा रहा था. गोठानों के बंद होने के बाद सरकार ने गो-अभ्यारण्य और गोधाम बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि धरातल पर कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आ रही है.
विपक्ष ने राज्य में मवेशियों की स्थिति का आकलन करने के लिए 6 विशेष कमेटियों का गठन किया था. कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से मिले आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद पार्टी ने निष्कर्ष निकाला है कि प्रदेश के गांवों और शहरों में पशुधन की आबादी में लगभग 40 प्रतिशत तक की कमी आई है.
आंकड़ों के मुताबिक भूख, बीमारियों और सड़क दुर्घटनाओं के कारण करीब 2 से ढाई हजार गायों की असमय मौत हुई है. ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि अगर हादसों में कुछ हजार गायों की जान गई है, तो बाकी के लाखों मवेशी आखिर कहां चले गए.
कांग्रेस प्रवक्ता ने आशंका जताई है कि गोठानों की व्यवस्था ध्वस्त होने से आवारा पशुओं का सड़कों पर जमावड़ा बढ़ गया है, जिससे अवैध गोवंश तस्करी के मामलों को बढ़ावा मिल रहा है. इस पूरी स्थिति पर न्यायपालिका ने भी संज्ञान लिया है.
आवारा पशुओं की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं को लेकर उच्च न्यायालय भी पहले चिंता व्यक्त कर चुका है. इसके बावजूद सरकार की ओर से मवेशियों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. विपक्षी दल ने सरकार से गोवंश की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस नीति बनाने की मांग की है.