कोरबा में करोड़ों का कोयला जलकर खाक
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा खदान से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है. यहाँ के 29 नंबर कोयला स्टॉक यार्ड में गुरुवार को अचानक भयंकर आग लग गई. देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि आसमान में दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार और तेज लपटें साफ दिखाई देने लगीं.
इस अग्निकांड के चलते भारी मात्रा में कोयला जलकर खाक हो गया है, जिससे विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि होने का अनुमान है.
आग पर नियंत्रण पाने के लिए एसईसीएल की फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ और पानी के टैंकर तुरंत घटना स्थल पर भेजे गए. तकनीकी टीम और सुरक्षा अधिकारियों की देखरेख में आग बुझाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया, लेकिन घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भी आग को पूरी तरह से शांत नहीं किया जा सका.
फिलहाल राहत कार्य जारी है और आग को आसपास के अन्य ब्लॉकों में फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.
इस हादसे के बाद अब क्षेत्र की कोयला आपूर्ति और उत्पादन व्यवस्था चरमराने का खतरा पैदा हो गया है.
दरअसल, आगामी मानसून के सीजन को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने इस यार्ड में भारी मात्रा में कोयला डंप करके रखा था ताकि बारिश के दिनों में निर्बाध डिस्पैच सुनिश्चित किया जा सके. लेकिन स्टॉक का एक बड़ा हिस्सा जल जाने के कारण अब बिजली संयंत्रों और अन्य उद्योगों को होने वाली कोयला सप्लाई प्रभावित होने की पूरी संभावना है.
स्थानीय सूत्रों और कर्मचारियों के अनुसार, इस दुर्घटना के पीछे अत्यधिक गर्मी और कोयले के ढेरों के भीतर बनने वाली मीथेन गैस को मुख्य वजह माना जा रहा है. तापमान बढ़ने के कारण कोयले में स्वतः दहन (स्पॉन्टेनियस कंबशन) की प्रक्रिया शुरू हो गई.
श्रमिकों का यह भी आरोप है कि खदान परिसर में पिछले कुछ दिनों से लगातार धुएं और छोटी-मोटी आग की घटनाएं हो रही थीं, फिर भी प्रबंधन ने समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए.