छत्तीसगढ़ में पारा तेज़ी से गिरेगा
रायपुर | संवाददाता : बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफ़ान दितवाह का असर भले तटीय राज्यों पर ज़्यादा दिख रहा हो, लेकिन इसकी दूरस्थ आर्द्र हवाएँ छत्तीसगढ़ के मौसम को भी प्रभावित कर रही हैं. बस्तर संभाग में हल्की बारिश और बादल छाने की संभावना बनी हुई है, जबकि प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में तापमान बढ़ने से ठंड की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है.
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक ऊपर जा सकता है, जिसके बाद एक बार फिर गिरावट शुरू होगी और पारे में तेज़ उतार की स्थिति लौट सकती है.
राज्य में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान दुर्ग में 30.8 डिग्री और न्यूनतम अंबिकापुर में 8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, जो प्रदेश में मौसम के तेज़ उतार-चढ़ाव का संकेत देता है.
दूसरी ओर, दितवाह चक्रवात का सीधा प्रभाव देश के दक्षिणी हिस्सों- तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्रप्रदेश में देखा जा रहा है, जहाँ भारी बारिश और तेज़ हवाओं के चलते अलर्ट जारी है. इन राज्यों में समुद्र में ऊँची लहरें उठने की चेतावनी दी गई है और मछुआरों को तटीय इलाक़ों से दूर रहने का निर्देश है.
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बादल और हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है, जबकि उत्तरी राज्यों में कोहरे की स्थिति बढ़ सकती है. उत्तर भारत की पहाड़ियों में हल्की बर्फबारी के संकेत मिले हैं, जिससे मैदानी राज्यों तक ठंडी हवाएँ पहुँचने की आशंका है, और इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ पर भी अगले हफ़्ते से महसूस हो सकता है.
इसी बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने तापमान के इस अनियमित उतार-चढ़ाव को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है. विभाग का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में हाइपोथर्मिया, वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और एलर्जी संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है. नागरिकों से अपील की गई है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े अनिवार्य रूप से पहनें और मौसम में अचानक बदलाव के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
कुल मिलाकर, जहाँ दक्षिण भारत तूफ़ान की तीव्रता झेल रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ में इसका हल्का किन्तु साफ़ असर दिखाई देने लगा है. अगले 72 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और फिर तापमान गिरने का सिलसिला देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने नागरिकों को नियमित अपडेट पर ध्यान रखने की सलाह दी है.