छत्तीसगढ़: जंगली हाथी के हमले से 2 मजदूरों की मौत
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में स्थित गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के भीतर एक जंगली हाथी ने कहर बरपाया है. रविवार देर रात हुए इस भीषण हमले में सड़क निर्माण कार्य में लगे दो मजदूरों की मौत हो गई. वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हादसा देवसिल गांव के पास उस समय हुआ जब मजदूर रात का खाना खाने के बाद आग ताप रहे थे.
मृतकों की पहचान २२ वर्षीय गौरव और ३५ वर्षीय अमर सिंह के रूप में हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, हाथी ने अचानक आकर मजदूरों पर हमला कर दिया, जिससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई.
वहीं गंभीर रूप से घायल अमर सिंह ने सोनहत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. ये दोनों मजदूर कोरिया जिले के रामगढ़ को एमसीबी जिले के कोटाडोल से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य में जुटे थे.
घटना की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व के वन कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं शुरू कीं. वन विभाग ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतकों के परिजनों को २५-२५ हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि दी जाएगी, जबकि शेष ५.७५ लाख रुपये का मुआवजा प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद वितरित किया जाएगा.
गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का क्षेत्र एमसीबी, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों तक फैला हुआ है, जहां पिछले कुछ सालों में इंसानों और जंगली जानवरों के बीच टकराव के मामले तेजी से बढ़े हैं.
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के साथ-साथ अब केंद्रीय क्षेत्रों में भी यह समस्या गंभीर चुनौती बनती जा रही है. वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पिछले पांच वर्षों के दौरान हाथी के हमलों में ३२५ से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.