छत्तीसगढ़ में सूरज का तांडव: 18 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में इस वक्त आसमान से आग बरस रही है. पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. तेज गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है.
मौसम विज्ञान केंद्र ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि फिलहाल अगले पांच दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है. लगातार आ रही उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं ने राज्य को तंदूर की तरह तपा दिया है.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, दक्षिण बिहार और उसके आसपास सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम के कारण प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है, जिससे मानसून पूर्व की बारिश की संभावना फिलहाल खत्म नजर आ रही है.
इसी के चलते मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग सहित राज्य के 18 प्रमुख जिलों के लिए हीटवेव की गंभीर चेतावनी (ऑरेंज और यलो अलर्ट) जारी की है. प्रशासन ने आम जनता को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बेवजह बाहर न निकलने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सख्त हिदायत दी है.
तपिश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को राजनांदगांव 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि राजधानी रायपुर में पारा 44.3 डिग्री और बिलासपुर में 44.5 डिग्री तक जा पहुंचा.
रविवार को रायपुर में तापमान के 45 डिग्री के रिकॉर्ड स्तर को छूने की आशंका है. दोपहर के वक्त प्रमुख शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है. वहीं, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
आरेंज अलर्ट क्या है
मौसम विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) असल में एक गंभीर चेतावनी संकेत है, जिसका सीधा मतलब होता है "तैयार रहें" (Be Prepared). जब गर्मी या लू (हीटवेव) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है, तो इसका अर्थ है कि क्षेत्र में तापमान सामान्य से बहुत अधिक हो चुका है और भीषण गर्मी की यह स्थिति लगातार दो से चार दिनों तक बनी रह सकती है.
यह अलर्ट इस बात का संकेत है कि अब मौसम का मिजाज सेहत के लिए खतरनाक रूप ले रहा है और इससे बच्चों, बुजुर्गों तथा पहले से बीमार लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कि हीट स्ट्रोक (लू लगना) या डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की भारी कमी) हो सकती हैं.
इस दौरान सरकार और मौसम विभाग लोगों को दोपहर के समय, खासकर 12 से 4 बजे के बीच, बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं. इसके साथ ही, इस अलर्ट का मकसद बिजली और स्वास्थ्य विभाग जैसी प्रशासनिक इकाइयों को भी मुस्तैद करना होता है ताकि वे अत्यधिक गर्मी के कारण बढ़ने वाली आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए पहले से मुस्तैद रहें.
सीधे शब्दों में कहें तो ऑरेंज अलर्ट एक ऐसी चेतावनी है जो हमें यह बताती है कि मौसम अब केवल असुविधाजनक नहीं, बल्कि जोखिम भरा हो चुका है और हमें तुरंत सावधानी बरतनी शुरू कर देनी चाहिए.