सुकमा में नक्सलियों का हथियारों का जखीरा बरामद
सुकमा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने नए साल की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. उरसांगल कैंप के पास घने जंगलों में चलाए गए एक गहन तलाशी अभियान के दौरान संयुक्त सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है.
खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पांच स्थानीय निर्मित हथियार, जिनमें एक बोल्ट-एक्शन राइफल, तीन मजल लोडिंग गन और एक 12-बोर राइफल शामिल है, बरामद किए गए हैं.
सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 500 से अधिक जिंदा कारतूसों की जब्ती है, जिसमें एसएलआर, इंसास और .303 राइफलों के राउंड शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में गोला-बारूद की बरामदगी ने माओवादियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ दिया है और सुरक्षा बलों पर होने वाले संभावित हमलों को टाल दिया है.
बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले में यह कार्रवाई केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक 'नक्सल मुक्त भारत' के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
साल 2025 में माओवादी गतिविधियों में भारी गिरावट देखी गई है और बस्तर में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा की राह चुनी है.
'पून नार्कोम' जैसी पुनर्वास नीतियों और क्षेत्र में 52 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित होने से सुरक्षा बलों की पहुंच अब उन दुर्गम इलाकों तक हो गई है, जो कभी नक्सलियों के गढ़ माने जाते थे.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की इस रिकॉर्ड बरामदगी और नक्सलियों के गिरते मनोबल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब उग्रवाद केवल कुछ सीमित हिस्सों तक ही सिमट कर रह गया है.
फिलहाल, सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है ताकि नक्सलियों के अन्य संभावित ठिकानों को भी ध्वस्त किया जा सके.