सुकमा में 22 माओवादियों ने किया सरेंडर
सुकमा में 22 माओवादियों ने किया सरेंडर, एक महिला कैडर सहित
सुकमा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मंगलवार को 22 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जिसमें एक महिला कैडर शामिल है. सरेंडर करने वालों में GRD मिलिशिया कमांडर, RPC मिलिशिया सदस्य, जंगल कमेटी अध्यक्ष, जनताना सरकार के पदाधिकारी और KAMS सदस्य जैसे विभिन्न पदों पर सक्रिय नक्सली शामिल हैं. ये सभी सुकमा के दूरस्थ गांवों के निवासी हैं.
सुकमा एसपी कार्यालय में आयोजित सरेंडर समारोह में राज्य सरकार की पुनर्वास नीति 'पूना मारगेम' के तहत यह प्रक्रिया पूरी हुई. यह छत्तीसगढ़ नक्सली सरेंडर/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 का हिस्सा है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार सुरक्षा अभियान, नए कैंपों की स्थापना, सड़क संपर्क में सुधार और आंतरिक इलाकों में कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार से नक्सलियों का ऑपरेशनल स्पेस काफी सिकुड़ गया है. इससे प्रभावित होकर ये कैडर मुख्यधारा में लौटे हैं.
आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 17 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ में कुल 226 माओवादियों ने सरेंडर किया है. इसी अवधि में 22 नक्सलियों के मुठभेड़ में मारे जाने और 72 के गिरफ्तार होने की जानकारी है.
प्रत्येक सरेंडर करने वाले को तत्काल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और अन्य कल्याणकारी लाभ देकर उन्हें समाज में स्थायी रूप से पुनर्स्थापित करने की योजना है.
समारोह में सुकमा एसपी किरण चव्हाण, CRPF रेंज जगदलपुर के DIG एस. अरुल कुमार, DRG सुकमा, जिला पुलिस, CRPF और CoBRA यूनिटों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.