छत्तीसगढ़ SIR: राजनीतिक दलों के साथ CEO की बैठक
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में SIR की घोषणा कल ECI द्वारा कर दी गई थी. इसके बाद आज मंगलवार 28-10-2025 को छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की.
इस बैठक का उद्देश्य सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथियों और अन्य आवश्यक जानकारियों से अवगत कराना था.
सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों को पूरे SIR से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों की भी जानकारी दी जो इस प्रकार है:
1 मुद्रण/प्रशिक्षण कार्य
दिनांक 28.10.2025 से 03.11.2025 तक
2 घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य
दिनांक 04.11.2025 से 04.12.2025 तक
3 मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 09.12.2025
4 दावे और आपत्ति की अवधि
दिनांक 09.12.2025 से 08.01.2026 तक
5 नोटिस चरण ( सुनवाई और सत्यापन);
दिनांक 09.12.2025 से 31.01.2026
6 मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
दिनांक 07.02.2026
इस अवसर पर, सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें, ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें.
मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए आयोजित इस 'बैठक' में राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है.
छत्तीसगढ़ की बैठक में उपस्थित दल
बहुजन समाज पार्टी (BSP)
भारतीय जनता पार्टी (BJP)
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M)
इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC)
आम आदमी पार्टी (AAP)
नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP)
आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची
ECI ने प्रारूप मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए जो आवश्यक (संकेतक, संपूर्ण नहीं) दस्तावेज़ों की सूची प्रकाशित की है, वह निम्नलिखित है:
1-कोई भी पहचान पत्र, केंद्र सरकार/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनर को जारी पेंशन भुगतान आदेश.
2-भारत सरकार/बैंकों/स्थानीय अधिकारियों/पीसीयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/दस्तावेज़.
3-सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र.
4-पासपोर्ट.
5-मान्यता प्राप्त बोर्डों/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र.
6-राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवासी प्रमाण पत्र.
7-वन अधिकार प्रमाण पत्र.
8-ओबीसी/एसटी/एससी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र.
9-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी यह मौजूद है).
10-राज्य/स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर.
11-सरकार द्वारा कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र.
12-आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ईआरएस/वॉल्यूम.II दिनांक 9.09.2025 में जारी निर्देश लागू होंगे.बता दें कि कल ही मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ECI ने सभी 12 राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एक नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि प्रगणन चरण के दौरान मतदाताओं से कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं किया जाएगा.
यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि बिहार में यह पाया गया कि अधिकांश मतदाता पिछले SIR की मतदाता सूचियों में ट्रेस किए जा सकते थे. अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से बड़ी संख्या में मतदाताओं को अपने दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, खासकर उन लोगों को जिनके या उनके माता-पिता/अभिभावक के नाम पिछली SIR के बाद की मतदाता सूची में मौजूद हैं.