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रायपुर: सफेमा के तहत संपत्ति जब्त

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14 जून 2025, 12:46 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट, 1976 (SAFEMA)
स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट, 1976 (SAFEMA)

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है. मुजगहन थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के एक मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी की करीब 70 लाख रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है. यह कार्रवाई स्मैक और फाइनेंसिंग ऑफ नारकोटिक्स एक्ट (सफेमा) के तहत की गई है, जो रायपुर जिले में इस तरह की पहली कार्रवाई मानी जा रही है.


फरवरी 2024 में मिली थी सूचना

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पुलिस को फरवरी 2024 में खबर मिली थी कि कुछ लोग कार के जरिये गांजा तस्करी कर रहे हैं. इस आधार पर मुजगहन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों सुशंकर व्यापारी, वासुदेव ढाली और अजय वर्मा को गिरफ्तार किया. इनके कब्जे से 45 किलोग्राम गांजा और दो कारें बरामद की गईं, जिनका उपयोग तस्करी के लिए किया जा रहा था.


तस्करी के पैसों से खरीदी थी संपत्ति


जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी सुशंकर व्यापारी ने गांजा तस्करी से कमाये गए अवैध धन से रायपुर में कई संपत्तियां अर्जित की थीं. इनमें एक टाटा अल्टो कार, एक स्कूटी, सिंगारपुरी कैंप में 20 लाख रुपये कीमत का एक प्लॉट और कौशल्या विहार, सेक्टर-2 में 50 लाख रुपये कीमत का एक मकान शामिल है.


सफेमा के तहत पहली कार्रवाई


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने संपत्ति अटैचमेंट का प्रस्ताव सफेमा के सक्षम अधिकारी, मुंबई को भेजा. इसके बाद प्राप्त आदेश के आधार पर उक्त संपत्तियों को विधिवत रूप से अटैच कर लिया गया. यह रायपुर में इस तरह की पहली कार्रवाई है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाती है.


SAFEMA क्या है?


स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट, 1976 (SAFEMA) भारत सरकार द्वारा लागू एक कानून है, जो तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन से संबंधित अपराधों में शामिल व्यक्तियों की अवैध संपत्तियों को जब्त करने के लिये बनाया गया है. इस कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की तस्करी या अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों से संपत्ति अर्जित करता है, तो उसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जब्त किया जा सकता है. SAFEMA के तहत कार्रवाई के लिए जांच एजेंसियां, जैसे पुलिस या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), सबूतों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी (मुंबई में SAFEMA कोर्ट) को आवेदन करती हैं, जो संपत्ति जब्ती का आदेश जारी करता है. यह कानून अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में प्रभावी है.


पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से तस्करों में डर का माहौल बनेगा और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP