रायगढ़: ग्रामीणों ने महिला थाना प्रभारी को पीटा, वाहनों को लगाई आग
रायगढ़ । डेस्क: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार इलाके में ग्रामीणों और सुरक्षाबलों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. जिंदल कंपनी के गारे-पेलमा कोल ब्लॉक से जुड़ी जनसुनवाई को अवैध बताने वाले स्थानीय निवासियों ने लिबरा गांव के सीएचपी चौक पर विरोध जताते हुए धरना दे रखा था. इससे कंपनी की गतिविधियां पूरी तरह ठप हो चुकी थीं, लेकिन शनिवार दोपहर पुलिस की बड़ी टुकड़ी ने मौके पर पहुंचकर कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
इसके बाद जब वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हुई, तो खुषरूलेंगा गांव में एक साइकिल सवार ग्रामीण को भारी ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया.
इस हादसे से भड़के ग्रामीणों ने पहले तो चालक को उसके ही वाहन में बांधकर जमकर लाठियां बरसाईं.
सूचना पाकर तमनार थाने की महिला प्रभारी अपनी टीम संग घटनास्थल पर पहुंचीं और लोगों को शांत करने की कोशिश की. लेकिन गुस्साए लोगों ने उन्हें लात-घूंसों और डंडों से बुरी तरह पीट दिया.
नाराजगी की हद पार करते हुए ग्रामीणों ने मौके पर खड़े कई वाहनों में आग लगा दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई. इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया.
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया है. तनाव कम करने के लिए गांव की बिजली आपूर्ति काट दी गई और इलाका अब पूरी तरह से सुरक्षाबलों के कब्जे में आ चुका है.
स्थानीय लोग कंपनी की परियोजना के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चला रहे हैं, लेकिन आज की घटना ने स्थिति को और जटिल बना दिया है. प्रशासन ने शांति बहाल करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है, जबकि घायलों का इलाज जारी है.