इजरायल में नर्सों की भर्ती पर राजनीतिक घमासान
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में इजरायल के लिए निकाली गई नर्सिंग और केयरगिवर (देखभाल कर्मी) की बंपर भर्ती को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. राज्य कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे संवेदनहीन और जोखिम भरा कदम बताया है. कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पताल खुद स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार युवाओं को युद्ध प्रभावित क्षेत्र में भेजने को बढ़ावा दे रही है.
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इस भर्ती प्रक्रिया के औचित्य पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ के जिला अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब पर्याप्त स्टाफ हो गया है जो सरकार यहां के प्रशिक्षित युवाओं को विदेश भेजने के लिए प्रोत्साहित कर रही है?
ठाकुर ने कहा कि यह विज्ञापन ऐसे समय में जारी किया गया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सुरक्षा चिंताओं के कारण वहां पढ़ रहे और नौकरी कर रहे कई भारतीय वापस वतन लौट रहे हैं. ऐसे में छत्तीसगढ़ के नर्सिंग पेशेवरों को संकट में डालना बिल्कुल भी सही नहीं है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने राज्य में बेरोजगारी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आकर्षक वेतन पैकेज के लालच में आकर प्रशिक्षित युवा वहां जाने को मजबूर हो सकते हैं. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि मिसाइल हमलों के इस दौर में वहां जाने वाले इन कर्मियों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
इसके साथ ही उन्होंने इस विज्ञापन को तुरंत वापस लेने और इन पदों के जरिए छत्तीसगढ़ के ही सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े पदों को भरने की मांग की है.
गौरतलब है कि यह भर्ती अभियान 'भारत-इजरायल फ्रेमवर्क समझौते' के तहत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के माध्यम से चलाया जा रहा है. जिला रोजगार प्राधिकरण द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इजरायल में 'होम-बेस्ड केयरगिवर्स' के लिए 3,500 पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं.
इसके लिए 25 से 45 वर्ष की आयु के ऐसे उम्मीदवार पात्र हैं जिन्होंने कम से कम 10वीं पास की हो और इंटरमीडिएट स्तर पर अंग्रेजी पढ़ी हो. साथ ही आवेदकों के पास ANM, GNM, BSc नर्सिंग या फिजियोथेरेपी जैसी स्वास्थ्य क्षेत्र की डिग्री और केयरगिविंग का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है.
इस नौकरी के लिए चयनित उम्मीदवारों को रहने, खाने और मेडिकल बीमा की सुविधा के साथ ही कटौतियों के बाद लगभग 1.99 लाख रुपये प्रति माह का वेतन दिया जाएगा.
हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में पंजीकरण, मेडिकल जांच, पुलिस वेरिफिकेशन, वीजा और हवाई यात्रा जैसी विभिन्न मदों में आवेदकों को खुद लाखों रुपये का शुरुआती खर्च उठाना होगा.
रोजगार अधिकारियों ने उम्मीदवारों को केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से पंजीकरण करने और बिचौलियों या फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी है. वहीं राज्य सरकार के एक अधिकारी ने भी इजरायल भर्ती अभियान से जुड़े इस विज्ञापन के जारी होने की पुष्टि की है.