छत्तीसगढ़ पुलिस पर ओडिशा के किसानों से उगाही का आरोप
छत्तीसगढ़ पुलिस पर ओडिशा किसानों से उगाही का आरोप
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा के दो डेयरी किसानों ने छत्तीसगढ़ पुलिस पर उत्पीड़न और उगाही का आरोप लगाया है. यह घटना तब हुई जब वे राज्य सरकार की प्रमुख योजना 'मुख्यमंत्री कामधेनु योजना' के तहत गायों का परिवहन कर रहे थे.
शिकायत के अनुसार, यह घटना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बलदा पुलिस थाना क्षेत्र में हुई. पीड़ित किसानों की पहचान सुबर्णपुर जिले के तरभा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कटपाली गांव के कालकांहु नायक और बगीबाहाली गांव के परखित देहरी के रूप में हुई.
इनकी पत्नियां, कविता नायक और दीपा देहरी, गो सुगम पोर्टल के माध्यम से इस योजना की पंजीकृत लाभार्थी हैं. सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, दोनों किसान सोमवार को छत्तीसगढ़ के महासमुंद गए थे ताकि क्रॉस-ब्रीड गायें खरीद सकें.
कालकांहु ने दो गायों और एक बछड़े को खरीदा, जबकि परखित ने एक गाय और एक बछड़े को खरीदा. पशुओं को स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रमाणित किया गया, टैग किया गया, और वैध स्वास्थ्य दस्तावेजों के साथ एक पिकअप वैन में ओडिशा ले जाने के लिए लोड किया गया.
हालांकि, बलदा पुलिस ने वाहन को रोक लिया और दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए किसानों पर अवैध पशु परिवहन का आरोप लगाया. पुलिस ने कथित तौर पर 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी.
जब किसान यह राशि नहीं दे सके, तो पुलिस ने उन्हें, वाहन और पशुओं को दोपहर 1 बजे से थाने में हिरासत में रख लिया, बिना भोजन या पानी दिए.
किसानों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी. अंततः, दोनों किसानों और वाहन मालिक को 60,000 रुपये का भुगतान करना पड़ा, जिसके बाद देर रात पशुओं और वाहन को छोड़ा गया.
पुलिस ने कथित तौर पर किसानों के एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज भी रख लिए.
इस घटना की जानकारी सुबर्णपुर कलेक्टर नृपराज साहू और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारियों को दी गई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
किसानों ने बताया कि लंबे समय तक हिरासत में रहने के कारण गायों और बछड़ों को भूख और थकावट के कारण बीमार पड़ गए. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पुलिस और पशु माफिया द्वारा उत्पीड़न आम हो गया है, जब भी ओडिशा के किसान बाहर से उन्नत नस्ल की गायें लाने की कोशिश करते हैं.
इससे पहले बरगढ़ और डुंगुरीपाली क्षेत्रों से भी ऐसी घटनाओं की खबरें आई थीं. कटपाली के दिव्यांग किसान कालकांहु ने कहा कि उन्होंने इस सरकारी योजना पर बहुत उम्मीदें लगाई थीं, जो क्रॉस-ब्रीड गायों के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है, ताकि दूध उत्पादन के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें. उन्होंने कहा, "हमने सभी प्रक्रियाओं का पालन किया और गायों को वैध रूप से खरीदा. फिर भी, हमें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया."
तरभा ब्लॉक विकास अधिकारी श्याम सुंदर पांडा ने कहा कि दोनों किसानों ने लिखित शिकायत दर्ज की है. इस मामले को आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को भेजा गया है.