रायपुर में साइबर धोखाधड़ी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, चार गिरफ्तार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ पुलिस ने रविवार को 'ऑपरेशन साइबर शील्ड' के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. पुलिस ने चीनी नागरिकों द्वारा संचालित साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के विशाल नेटवर्क से जुड़े चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया कि इन गिरफ्तार लोगों ने पूरे भारत में फैले 500 से अधिक पीड़ितों को ठगने में भूमिका निभाई, जिसमें करोड़ों रुपये के लेन-देन का मामला शामिल है.
पुलिस ने राज्य की राजधानी में दो स्थानों पर छापेमारी की गोल चौक, डगनिया और कटोरा तालाब. इन जगहों पर सिंडिकेट द्वारा चलाए जा रहे नकली कार्यालयों को सील कर दिया गया. छापेमारी के दौरान 50 मोबाइल फोन, 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर, सिम कार्ड और 60 बैंक खाता किट जब्त किए गए.
गिरफ्तार आरोपी गजसिंह सुना (32, बलांगीर, ओडिशा), भिखू सचदेव (32, द्वारका, गुजरात), साहिल कौशिक (23, बिलासपुर, छत्तीसगढ़) और हर्षित शर्मा (18, रायपुर, छत्तीसगढ़) हैं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोनों के तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि वे चीनी अपराधियों के लिए म्यूल बैंक खाते जुटाने और लेन-देन करने के धंधे में लिप्त थे. यह नेटवर्क देश के विभिन्न शहरों में फैला हुआ है.
पुलिस को शक है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी, क्योंकि वे खातों को जुटाने, बढ़ावा देने और सप्लाई करने वालों की तलाश में लगे हैं. विभिन्न बैंकों से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी भी लगातार एकत्र की जा रही है.
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी नकली वैवाहिक वेबसाइट्स जैसे www.erishtaa.com, www.jeevanjodi.com और www.royalrishtey.com चला रहे थे. इन साइट्स पर संभावित दुल्हन-दुल्हनों की फर्जी तस्वीरें लगाकर लोगों को लुभाया जाता था और फिर वित्तीय धोखाधड़ी की जाती थी.
साइबर क्राइम पोर्टल से मिले तकनीकी सबूतों और लेन-देन विवरण के आधार पर डीडी नगर थाने में 79 म्यूल खातों के लिए और आजाद चौक थाने में 17 खातों के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए.
म्यूल खाते चीनी संचालकों द्वारा एंड्रॉयड पैकेज किट (एपीके) के जरिए दूर से नियंत्रित किए जाते थे. प्रत्येक खाते के लेन-देन की राशि पर आरोपी कमीशन कमाते थे. पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन साइबर अपराधों के खिलाफ उनकी मुहिम को मजबूत बनाएगा.