गारियाबंद में माओवादी शिविर ध्वस्त, 16.5 लाख नकदी जब्त
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गारियाबंद जिले के जंगलों से हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है. रविवार को अंतर-जिला पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा की संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी अभियान चलाया था. इस दौरान मुठभेड़ स्थल से 16.5 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए.
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा बल मानपुर क्षेत्र के गोबरा गांव के जंगलों में तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी हथियारबंद माओवादियों के एक समूह ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी गोलीबारी की.
संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद माओवादी जंगलों में भाग गए. इसके बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में तलाशी शुरू की और हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया, जो यह संकेत देता है कि माओवादी किसी हमले की योजना बना रहे थे.
धमतरी और गारियाबंद जिला पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने जखीरे को जब्त कर जिला मुख्यालय के आधार शिविर में पहुंचाया.
बरामद सामग्री में इंसास राइफल, देसी हथियार, पिस्तौल, रिवॉल्वर, एके-47, एसएलआर, इंसास और .303 की मैगजीन, जिंदा कारतूस, डेटोनेटर, प्रेशर कुकर आईईडी, लैपटॉप, वॉकी-टॉकी सेट, बड़ी मात्रा में दवाइयां, प्रतिबंधित माओवादी संगठन का साहित्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि यह बरामदगी क्षेत्र में वरिष्ठ माओवादी कैडर की मौजूदगी की ओर इशारा करती है और यह शिविर एक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.
माना जा रहा है कि माओवादी गारियाबंद के घने जंगलों में घुसपैठ करते हैं, जहां वे विश्राम, हथियार छिपाने और छत्तीसगढ़ से ओडिशा की सीमा तक आवाजाही के लिए मार्ग के रूप में उपयोग करते हैं.
आईजी मिश्रा ने कहा कि यह पूरा अभियान राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच सख्त समन्वय के साथ किया गया. अधिकारियों ने बताया कि इस बरामदगी ने गारियाबंद में माओवादी गतिविधियों को गंभीर झटका दिया है और क्षेत्र में तलाशी अभियान को और तेज किया जा रहा है.
मानपुर पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.