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कोरिया : झोलाछाप डॉक्टरों पर बड़ी कार्रवाई

कोरिया में झोलाछाप डॉक्टरों पर बड़ी कार्रवाई

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10 जून 2025, 01:04 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

quack doctor
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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरिया में बैकुंठपुर एवं सोनहत ब्लॉक में दो अवैध क्लीनिक सील किया तथा एक को कारण बताओ नोटिस जारी किया. छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग होम एक्ट 2013 के तहत अवैध रूप से चिकित्सा कर रहे झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध कोरिया जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है.


10 जून को बैकुंठपुर ब्लॉक के चरचा कॉलरी क्षेत्र में जिला स्तरीय जांच दल द्वारा दो क्लीनिकों की जांच की गई. उड़िया दफाई, राम मंदिर के पास सुधीर कुमार मिश्रा द्वारा संचालित क्लीनिक में बिना किसी वैध डिग्री के चिकित्सकीय गतिविधियाँ संचालित की जा रही थीं. मौके पर नीडल, दवाइयाँ और इंजेक्शन आदि सामग्री पाई गई, परंतु किसी भी तरह का वैध पंजीयन या डिग्री उपलब्ध नहीं कराई गई. इस आधार पर सुधीर कुमार मिश्रा का क्लीनिक तत्काल सील कर दिया गया.


इसी प्रकार टीना दफाई में ‘डॉ. आर. खान’ के नाम से संचालित घरेलू क्लीनिक की भी जांच की गई. मौके पर आईवी स्टैंड, बेड और चिकित्सा उपकरण पाये गये, परन्तु कोई मान्य डिग्री प्रस्तुत नहीं की गई. नर्सिंग होम एक्ट 2013 के प्रावधानों के तहत इस कक्ष को भी सील करने की कार्रवाई की गई.


इससे पूर्व, 9 जून को सोनहत ब्लॉक के तेलीमुड़ा ग्राम में महेन्द्र पटेल नामक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से इलाज किये जाने की जानकारी पर जांच की गई थी. मौके पर चिकित्सकीय उपकरण मिलने के बावजूद कोई पंजीयन प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया. फलस्वरूप उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई है.


स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत एवं योग्य चिकित्सकों से ही उपचार कराये. किसी भी अवैध रूप से चिकित्सा कर रहे व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित स्वास्थ्य केंद्र या सीएमएचओ कार्यालय को सूचित करें.


भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसे स्रोतों के अनुसार, भारत में अनुमानित 10 लाख झोलाछाप डॉक्टर हैं, जिनमें से कई ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं. छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है, इनकी संख्या काफी है.


2016 के WHO के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में 57.3% लोग जो एलोपैथिक चिकित्सा का अभ्यास करते हैं, उनके पास कोई औपचारिक चिकित्सा योग्यता नहीं है. यह अनुपात छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी लागू होता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP