कोरबा में हसदेव नदी में बहे हाथी के बच्चे का शव मिला
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल में हसदेव नदी के किनारे एक नवजात हाथी के बच्चे का शव मिलने से हड़कंप मच गया है. कोरबी के समीप झाड़ियों में फंसा यह शव करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है. वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि नदी का तेज बहाव बच्चे को बहाकर ले गया होगा, जिसके कारण उसकी मृत्यु हुई.
शव की जांच के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा.
हसदेव नदी में हाल ही में जलस्तर में वृद्धि के कारण ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ गई है.
मिली जानकारी के अनुसार, एक हफ्ते पहले सखोदा क्षेत्र में एक हथिनी ने बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद 27 हाथियों का झुंड क्षेत्र में भटक रहा था. वन रेंजर अभिषेक दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शव के नदी के बहाव के साथ बहकर आने की संभावना है.
उन्होंने कहा, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि बच्चे की मौत का कारण क्या था, लेकिन अभी यह माना जा रहा है कि नदी पार करने के दौरान वह बह गया होगा."
वर्तमान में पसान रेंज के पनगंवा क्षेत्र में 54 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है, जिसमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं. ये हाथी अक्सर हसदेव नदी को पार करके अन्य क्षेत्रों में जाते हैं.
इस बार केंदई रेंज के ओड़ार बहरा के पास बच्चे का शव मिला है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों का यह झुंड लंबे समय से इस इलाके में डेरा डाले हुए है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है.
ग्रामीणों ने बताया कि हाथी न केवल उनकी फसलों को नष्ट कर रहे हैं, बल्कि कई बार घरों और संपत्तियों को भी क्षति पहुंचा चुके हैं.
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को इस क्षेत्र से सुरक्षित हटाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं.
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और हाथियों के झुंड के पास न जाने की अपील की है. (फोटो- प्रतीकात्मक)