शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

नाबालिग को POCSO मामले में जमानत मिली

C

CG Khabar

28 जून 2025, 12:55 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

हाई कोर्ट
हाई कोर्ट

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक नाबालिग को, जिस पर 14 वर्षीय लड़की के अपहरण और बलात्कार का आरोप था, जमानत दे दी है. कोर्ट ने इस निर्णय में नाबालिग की शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिति की रिपोर्ट को आधार बनाया. जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की एकल पीठ ने निचली अदालतों के जमानत अस्वीकार करने के आदेश को रद्द करते हुए नाबालिग को जमानत दी. 


साथ ही, नाबालिग के पिता, जो जमानत के जमानती हैं, को यह हलफनामा देने का निर्देश दिया गया कि उनका बेटा 'असामाजिक तत्वों' के संपर्क में नहीं आयेगा और यदि वह किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होता है, तो वे इसकी सूचना पुलिस को देंगे.


प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज एक्ट का मामला बालोद पुलिस स्टेशन में फरवरी 2025 में दर्ज किया गया था. पीड़िता की मां ने नाबालिग के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने उनकी 14 वर्षीय बेटी का अपहरण किया और बाद में उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए. 


नाबालिग 16 फरवरी से न्यायिक हिरासत में था. इसके बाद, नाबालिग के पिता ने निचली अदालतों द्वारा उनके बेटे की जमानत अस्वीकार किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.


हाईकोर्ट ने प्रोबेशन अधिकारी द्वारा दायर सामाजिक स्थिति रिपोर्ट को भी ध्यान में रखा. रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग के माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और अपने बेटे के साथ एक गांव में रहते हैं. नाबालिग सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा ग्यारह का नियमित छात्र है और छठी कक्षा से सरकारी जनजातीय छात्रावास में रहता है.


रिपोर्ट में कहा गया कि नाबालिग के रिश्तेदारों और परिचितों ने उसके व्यवहार को अच्छा बताया है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि नाबालिग और पीड़िता के बीच दोस्ती और प्रेम संबंध थे, और वे फोन पर बातचीत करते थे. 


हालांकि, लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP