छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: हेडमास्टर से वेतन वसूली रुकी
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) द्वारा 14 मई 2025 को जारी आदेश पर रोक लगा दी है. जिसमें गिर्धारीकापा सरकारी प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर संजय कुमार चंद्रवंशी से वेतन वृद्धि की राशि वसूलने का निर्देश दिया गया था. चंद्रवंशी को मई 2025 से न्यूनतम वेतन देने और पहले दी गई अतिरिक्त राशि वसूलने का आदेश था.
चंद्रवंशी की नियुक्ति 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में हुई थी. 2018 में उनका स्कूल शिक्षा विभाग में विलय हुआ और 2022 में उन्हें हेडमास्टर बनाया गया.
छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के 10 मार्च 2017 के आदेश के अनुसार, सहायक शिक्षकों को 10 साल की सेवा के बाद पहली वेतन वृद्धि और 20 साल बाद दूसरी वृद्धि दी जाती है.
चंद्रवंशी को 10 साल की सेवा पूरी होने के बावजूद पहली वेतन वृद्धि नहीं मिली थी. उन्होंने इसके लिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर जनवरी 2021 में सुनवाई हुई. कोर्ट ने चार महीने में उनकी याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश दिया. इसके बाद, जनपद पंचायत पंडरिया के सीईओ ने 8 अक्टूबर 2020 को वेतन वृद्धि को मंजूरी दी. चंद्रवंशी को जनवरी 2021 से अप्रैल 2025 तक वृद्धि का लाभ मिलता रहा.
हालांकि, बीईओ पंडरिया ने 14 मई 2025 को आदेश जारी कर वेतन वृद्धि राशि वसूलने और न्यूनतम वेतन लागू करने का निर्देश दिया. इससे आहत चंद्रवंशी ने अपने वकीलों मतीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहर के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की.
सिद्दीकी ने तर्क दिया कि बिना पूर्व सूचना के वेतन वसूली और वेतन कटौती अवैध है.
न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की अदालत ने बीईओ के आदेश पर रोक लगा दी और कबीरधाम जिला पंचायत के सीईओ व जनपद पंचायत पंडरिया के सीईओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.