HC: जल जीवन मिशन के 536 करोड़ रुपये का मांगा हिसाब
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत केंद्र सरकार से प्राप्त राशि के उपयोग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने एक स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए 536.53 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुए हैं या नहीं और यदि हुए हैं, तो उन पैसों का किन कार्यों में उपयोग किया गया है.
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि केंद्रीय कैबिनेट ने जल जीवन मिशन की अवधि को बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 तक कर दिया है. मिशन के इस नए चरण 'JJM 2.0' के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति में ढांचागत सुधारों पर जोर दिया जा रहा है.
केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के मार्च 2026 के प्रस्ताव पर विचार करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 536.53 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं.
साथ ही, राज्य सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी नए प्रस्ताव भेज सकती है. हाईकोर्ट ने अब इस मामले में मिशन डायरेक्टर, पीएचई विभाग से विस्तृत जानकारी मांगी है और मामले की अगली सुनवाई 7 मई को तय की है.