मंगल, 03 नव. 2026

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छत्तीसगढ़ में बिना बड़े विकास कार्यों के चढ़ गया 1.90 लाख करोड़ रुपए का कर्ज: वंदना राजपूत

छत्तीसगढ़ में सरकार के कर्ज को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने बिना बड़े विकास कार्यों के 1.90 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लेने का आरोप लगाया, जिस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे तथ्यहीन बताया है.

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03 नव. 2026, 08:07 AM 3 मिनट में पढ़ें 25

वंदना राजपूत- कांग्रेस प्रवक्ता
वंदना राजपूत- कांग्रेस प्रवक्ता

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा लिए गए ऋण को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कर्ज के आंकड़ों और आर्थिक प्रबंधन को लेकर तीखी बयानबाजी जारी है. जहां विपक्ष ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति और बढ़ते कर्ज के बोझ को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर जवाब दिया है.

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया है कि मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में आर्थिक कुप्रबंधन के चलते राज्य पर कर्ज का भार लगातार बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीते ढाई सालों के दौरान प्रदेश में कोई भी बड़ी शिक्षण, औद्योगिक या सिंचाई से जुड़ी परियोजना शुरू नहीं हो सकी, लेकिन इसके बाद भी करीब 1.90 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लाद दिया गया है. 
स्थिति यह है कि सरकार को केवल ब्याज के भुगतान में ही सालाना लगभग 9 हजार करोड़ रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं. वंदना राजपूत के अनुसार, 2024 की शुरुआत में 25 हजार करोड़, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 33,463 करोड़, 2025-26 में 36,737 करोड़ और 2026-27 में अब तक 40 हजार करोड़ रुपए का कर्ज उठाया गया है, जिसमें धान खरीदी और अन्य योजनाओं का ऋण शामिल नहीं है. 

उन्होंने नीति आयोग के वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक का जिक्र करते हुए कहा कि 18 राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ 17वें स्थान पर आ गया है और राजकोषीय घाटा निर्धारित 2.99 प्रतिशत के लक्ष्य से बढ़कर 5.32 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इसके अलावा पेट्रोल-डीजल पर वैट, बिजली दरों में 33 फीसदी की बढ़ोतरी, बिजली बिल छूट की समाप्ति, गाइडलाइन दरों में वृद्धि और रजिस्ट्री छूट खत्म करने के बावजूद कर्ज बढ़ने पर सवाल उठाए गए हैं.

दूसरी तरफ, कांग्रेस के इन तमाम दावों को खारिज करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सीए अमित चिमनानी ने पलटवार किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीते तीन वर्षों में सरकार ने केवल 49,279 करोड़ रुपए का ही शुद्ध कर्ज लिया है. यह ऋण एफआरबीएम एक्ट के तहत जीएसडीपी की 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर ही है. 

राज्य का वित्तीय ढांचा पूरी तरह संतुलित है और राजस्व प्राप्तियों का केवल 7.96 प्रतिशत हिस्सा ही ब्याज चुकाने में जा रहा है, जो कि 10 प्रतिशत की तय सीमा से कम है. 

अमित चिमनानी ने कहा कि विपक्ष को महिलाओं और किसानों के खातों में पहुंच रही सीधी आर्थिक सहायता से परेशानी हो रही है. तीन साल से कम समय में किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का एकमुश्त भुगतान कर 1.50 लाख करोड़ से ज्यादा दिए गए हैं, जबकि महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं के खातों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक भेजे जा चुके हैं. 

इसके साथ ही 20 लाख से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिला है और सड़कों के लिए एक साल में 9 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान कर्ज लेकर भ्रष्टाचार किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार आधारभूत संरचना के विकास के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट लेकर आई है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP