रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

दुर्ग ने पेश की सामुदायिक जल संरक्षण की मिसाल

C

CG Khabar

25 जुल. 2025, 01:58 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

सोख्ता
सोख्ता

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जिले में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत 1.04 लाख से अधिक पौधे लगाये गये हैं, वहीं हजारों सोख्ता गड्ढे, खाइयाँ और रिचार्ज संरचनायें बनाकर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है. 


खास बात यह है कि ये सभी प्रयास बिना सरकारी वित्तीय सहायता के स्वैच्छिक रूप से किये गये हैं.

विज्ञापन


23 जुलाई को दुर्ग ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोडिया में एक जिला-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए "एक सोख्ता संतान के नाम" और "मोर गाँव मोर पानी" जैसे नारों के साथ लोगों को प्रेरित किया. 


इन पहलों ने ग्रामीणों को अपने घरों और स्कूलों के पास सोख्ता गड्ढे और रिचार्ज संरचनायें बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है.


जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह और जिला पंचायत सीईओ बजरंग कुमार दूबे के मार्गदर्शन में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने शानदार सफलता हासिल की है. जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के 27,883 घरों में 1,04,111 पौधे लगाये गये हैं. 


प्रत्येक लाभार्थी ने स्वेच्छा से अपने घर पर न्यूनतम दो और अधिकतम चार पौधे लगाये, जो पर्यावरण के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाता है.


जल संरक्षण की दिशा में भी दुर्ग ने उल्लेखनीय कदम उठये हैं. जिले में 265 नये जल रिचार्ज शाफ्ट बनाए गये हैं, जो बोरवेल के माध्यम से वर्षा जल को सीधे भूजल में रिचार्ज करने में मदद कर रहे हैं. 


इसके अलावा, 34,000 जल अवशोषण खाइयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक 5,800 खाइयाँ पूरी हो चुकी हैं. 


भारी जल संचय वाले क्षेत्रों में 300 बड़े सोख्ता ढांचे पहले चरण में बनाये गये हैं. साथ ही, ग्रामीणों ने स्वेच्छा से स्कूलों और घरों के पास 2,500 रिचार्ज गड्ढे बनाये हैं.


ये सामुदायिक प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि सामूहिक इच्छाशक्ति और जागरूकता से बिना सरकारी सहायता के भी बड़े बदलाव लाये जा सकते हैं. दुर्ग का यह मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिये भी प्रेरणा बन सकता है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP