छत्तीसगढ़ डीएमएफ संबंधी कार्यो के लिये सम्मानित
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ राज्य को डीएमएफ संबंधी उत्कृष्ट कार्यों के लिये भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया है. खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं पारदर्शिता के लिये छत्तीसगढ़ की सराहनीय पहल को मिला राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है.
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना एवं आजीविका जैसे विविध क्षेत्रों में समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं. राज्य में अब तक 16,506 करोड़ रुपये की लागत से 1,01,313 विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 70,318 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किये जा चुके हैं.
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा डीएमएफ के क्रियान्वयन में पारदर्शी और जनहितकारी दृष्टिकोण को अपनाते हुये, प्रत्येक जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों की योजना और निगरानी सुनिश्चित की जा रही है. यह नीति न केवल भौतिक विकास बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण को भी लक्ष्य में रखती है.
नेशनल डीएमएफ कार्यशाला का आयोजन प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना एवं डीएमएफ की प्रभावशीलता को बढ़ाने और खनन क्षेत्रों में सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था. कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से सचिव, संचालक एवं खनन प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स शामिल हुये थे.
खान मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना द्वारा नेशनल डीएमएफ पोर्टल में समस्त राज्यों के डीएमएफ से संबंधित डेटाबेस का संधारण किया जा रहा है. डीएमएफ के ऑडिट रिपोर्ट का राज्य डीएमएफ पोर्टल एवं नेशनल डीएमएफ पोर्टल में 90 प्रतिशत डेटाबेस पूर्णतः अपलोड किये जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया.
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया और अन्य राज्यों को भी डेटा अपलोडिंग, पारदर्शिता और ज़मीनी क्रियान्वयन के अनुकरण की सलाह दी गई.
बुधवार को नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक दिवसीय “नेशनल डीएमएफ वर्कशॉप” के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव पी. दयानंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.