शराब घोटाले पर सुधांशु त्रिवेदी ने उठाये सवाल
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय जनता पार्टी के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्टी की शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाये और इसे राजनीतिक लाभ के लिये भ्रष्टाचार का बचाव करने का आरोप लगाया.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए त्रिवेदी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस मामले में त्वरित और आक्रामक बचाव को "अभूतपूर्व" बताया.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस का पहला परिवार जिस तरह से छत्तीसगढ़ के इस मामले में सक्रिय रूप से सामने आया, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. पहले राहुल गांधी ने अपने बहनोई का बचाव किया था, जो एक पारिवारिक मामला था. लेकिन यह एक राजनीतिक मुद्दा है."
त्रिवेदी ने कांग्रेस से जवाब मांगते हुए पूछा, "आखिर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस भ्रष्टाचार के मामले में इतनी जल्दबाजी में क्यों सामने आया? इस मामले में उनका क्या विशेष हित है कि वे इतने स्पष्ट भ्रष्टाचार का बचाव कर रहे हैं?"
उन्होंने इस घोटाले की गंभीरता और दायरे पर भी सवाल उठाये. त्रिवेदी ने कहा, "यह संदेह पैदा करता है कि क्या यह पूरा मामला सिर्फ भूपेश बघेल और उनके परिवार तक सीमित है, या इसके तार दिल्ली तक जुड़े हैं."
त्रिवेदी ने कांग्रेस शासित अन्य राज्यों में भी भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देते हुए पार्टी पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, "हम कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि उनकी कितनी सरकारें ऐसी हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप न लगे हों? कर्नाटक में कई मामलों में सीधे-सीधे भ्रष्टाचार के आरोप सामने आये हैं. तेलंगाना में भी सरकार पर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. कांग्रेस की कई सरकारें भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई हैं."
गौरतलब है कि शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ में कथित बहु-करोड़ शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. इससे पहले उसी दिन ईडी ने चैतन्य के आवास पर छापेमारी की थी.
यह कार्रवाई शराब व्यापार में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस घोटाले की व्यापक जांच का हिस्सा थी.
इस साल मार्च में, ईडी ने छत्तीसगढ़ में 14 स्थानों पर दिनभर की तलाशी के दौरान भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य के आवास से 30 लाख रुपये जब्त किये थे. यह कार्रवाई भी शराब व्यापार में कथित अवैध कमीशन और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित थी.