छत्तीसगढ़: कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू जेल से हुए रिहा
जांजगीर-चाँपा । डेस्क: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाँपा जिले की एक अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को बुधवार को जमानत दे दी. जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक साहू को 9 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद बुधवार को उन्हें जिला जेल से रिहा कर दिया गया. जेल से बाहर आने पर बड़ी संख्या में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों, संगीत और आतिशबाजी के साथ उनका भव्य स्वागत किया.
विधायक के वकील राजेश पांडे ने बताया कि जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गणेश राम पटेल ने मंगलवार को जमानत याचिका पर सुनवाई की थी और बुधवार को अपना फैसला सुनाया. अदालत ने साहू को 50-50 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी है.
जेल से बाहर निकलते समय विधायक के एक हाथ में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीर और दूसरे हाथ में संविधान की प्रति थी. उन्होंने अंबेडकर प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की.
मीडिया से चर्चा के दौरान विधायक बालेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि उन्हें भाजपा सरकार के दबाव में एक "झूठे और सुनियोजित" मामले में फंसाया गया है. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ जालसाजी या किसी अन्य गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है.
साहू ने मामले की निष्पक्ष जांच और उन्हें फंसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने स्पष्ट किया कि एक किसान की पासबुक का उपयोग करके सहकारी बैंक से ऋण लेने के आरोप पिछले कई वर्षों से लगाए जा रहे थे, लेकिन कभी कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया.
यह मामला पिछले साल अक्टूबर में सारागांव थाना क्षेत्र के निवासी राजकुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया था. शर्मा का आरोप था कि 2015 से 2020 के बीच, जब साहू बमनीडीह में एक सहकारी समिति के प्रबंधक थे, उन्होंने और सेल्समैन गौतम राठौर ने उनके परिवार के साथ धोखाधड़ी की.
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने शर्मा को उनकी 50 एकड़ जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण लेने की सलाह दी और एक निजी बैंक में खाता खुलवाकर उनके हस्ताक्षरों का कथित तौर पर दुरुपयोग किया. आरोप है कि आरोपियों ने जाली हस्ताक्षरों के जरिए कुल 42.78 लाख रुपये की हेराफेरी की.